ऑफिस वर्क से बढ़ रहा स्वास्थ्य संकट, विशेषज्ञ बोले- जरूरी है 4 दिन काम का मॉडल

आज के समय में सुबह जल्दी ऑफिस पहुंचना, घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करना और देर रात तक लैपटॉप स्क्रीन के सामने रहना आम वर्किंग कल्चर बन गया है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक लगातार काम करने और बैठे रहने की आदत शरीर के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक रोजाना 8 से 10 घंटे तक लगातार बैठकर काम करने से मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, तनाव, डिप्रेशन, डायबिटीज और हृदय रोग जैसी समस्याओं का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। खासतौर पर युवाओं में यह समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है। स्क्रीन टाइम बढ़ने और शारीरिक गतिविधियां कम होने से शरीर की कैलोरी बर्न करने की क्षमता भी प्रभावित होती है।
इन्हीं स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए अब विशेषज्ञ कंपनियों को 4-डे वर्किंग कल्चर अपनाने की सलाह दे रहे हैं। उनका मानना है कि काम के दिनों में कमी आने से कर्मचारियों को मानसिक और शारीरिक आराम मिलेगा, तनाव कम होगा और उत्पादकता भी बेहतर हो सकती है। कई देशों में इस मॉडल पर प्रयोग भी किए जा रहे हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।





