निपाह वायरस अलर्ट: केरल में संक्रमण की पुष्टि, डॉक्टरों ने बताए लक्षण और बचाव

केरल के कोझिकोड जिले में निपाह वायरस संक्रमण का एक नया मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए 77 लोगों को निगरानी में रखा गया है, जिनमें दो लोगों को हाई-रिस्क श्रेणी में शामिल किया गया है।
साल 2018 के बाद यह छठी बार है जब केरल में निपाह वायरस का संक्रमण दर्ज किया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, निपाह एक जूनोटिक वायरस है, जो जानवरों से इंसानों में फैलता है और कुछ मामलों में व्यक्ति से व्यक्ति में भी संक्रमण फैला सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, निपाह वायरस बेहद घातक माना जाता है। इसकी मृत्यु दर 40 से 75 प्रतिशत तक हो सकती है। भारत में अब तक इसके कई प्रकोप सामने आ चुके हैं और अधिकांश मामलों में संक्रमण गंभीर साबित हुआ है।
संक्रमण के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, खांसी, गले में परेशानी और सांस लेने में दिक्कत शामिल हैं। गंभीर स्थिति में यह वायरस मस्तिष्क को प्रभावित कर एन्सेफलाइटिस यानी दिमाग में सूजन का कारण बन सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल निपाह वायरस के लिए कोई विशेष एंटीवायरल दवा या स्वीकृत वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। मरीजों का इलाज मुख्य रूप से लक्षणों के आधार पर किया जाता है और गंभीर मामलों में आईसीयू व ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ सकती है।
निपाह वायरस से बचाव के लिए संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखने, हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखने, अधखाए या संक्रमित फलों के सेवन से बचने और चमगादड़ों या संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने से बचने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध लक्षण की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।





