अब स्टेपल पिन वाली फूड पैकिंग नहीं, खाने-पीने की चीजें खरीदते समय 6 बातें जरूर जांचें

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग में स्टेपल पिन, तार और अन्य धातु सामग्री के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। यह फैसला उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली धातु की वस्तुएं गलती से भोजन में मिलकर स्वास्थ्य को नुकसान न पहुंचाएं।

FSSAI के अनुसार, फूड सेफ्टी केवल स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि खाने में कोई बाहरी या खतरनाक वस्तु न पहुंचे। स्टेपल पिन, तार, कांच या प्लास्टिक जैसी वस्तुएं फिजिकल हैजर्ड की श्रेणी में आती हैं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति गलती से स्टेपल पिन या धातु की कोई नुकीली वस्तु निगल ले, तो इससे मुंह, गले, भोजन नली, पेट और आंतों को नुकसान पहुंच सकता है। गंभीर मामलों में इंटरनल ब्लीडिंग, संक्रमण और सर्जरी की जरूरत तक पड़ सकती है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह खतरा और अधिक होता है।

यह निर्देश मिठाई के डिब्बों, केक बॉक्स, बेकरी उत्पादों, नमकीन पैकेटों, फूड पार्सल और अन्य पैक्ड खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग पर लागू होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों और कारोबारियों के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसमें जुर्माना, लाइसेंस निलंबन या अन्य कानूनी कदम शामिल हैं।

विशेषज्ञों ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे किसी भी पैक्ड फूड को खरीदते समय पैकेजिंग की स्थिति, सील, एक्सपायरी डेट और FSSAI लाइसेंस नंबर जरूर जांचें। ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्राप्त करते समय भी पैकेट की सील, पैकेजिंग और किसी प्रकार की छेड़छाड़ पर ध्यान देना जरूरी है।

यदि किसी खाद्य पदार्थ में स्टेपल पिन, तार, प्लास्टिक या अन्य बाहरी वस्तु मिले तो उसकी फोटो और पैकेट सुरक्षित रखें तथा FSSAI या स्थानीय खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कराएं। उपभोक्ता ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ ऐप और FSSAI के ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी शिकायत कर सकते हैं।

FSSAI ने खाद्य कारोबारियों को स्टेपल पिन के स्थान पर फूड-ग्रेड टेप, हीट सीलिंग, स्टिकर सील, क्लिप-लॉक पैक और टैंपर-एविडेंट सील जैसे सुरक्षित विकल्प अपनाने की सलाह दी है।

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