PM2.5 कण पहुंच रहे हैं खून तक, प्रदूषण से बढ़ रहा हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज का खतरा

देशभर में वायु प्रदूषण का स्तर इन दिनों चरम पर है। कई शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार पहुंच गया है, जबकि दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में यह 370 से भी ऊपर दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह जहरीली हवा न केवल फेफड़ों बल्कि दिल के स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाल रही है।
प्रदूषण से बढ़ रहा दिल का खतरा
हवा में मौजूद PM2.5 जैसे सूक्ष्म कण सांस के जरिए फेफड़ों को पार कर सीधे ब्लड फ्लो में घुल जाते हैं। इससे रक्त वाहिकाओं में सूजन और धमनियों की सख्ती बढ़ जाती है। नतीजतन ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक, हृदय रोगी, बुजुर्ग और बच्चे इस खतरे के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील होते हैं।
घर पर रहें सुरक्षित
प्रदूषण का स्तर अधिक होने पर अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।
- घर की खिड़कियां-दरवाजे बंद रखें।
- एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।
- घर के अंदर स्वच्छ हवा बनाए रखें।
जरूरी काम पर बाहर जाएं तो पहनें N95 मास्क
अगर बाहर निकलना जरूरी हो, तो N95 या N99 मास्क जरूर पहनें। ये मास्क हवा में मौजूद खतरनाक कणों को आपके फेफड़ों और दिल तक पहुंचने से रोकते हैं।
व्यायाम और खानपान पर ध्यान दें
- दिल के मरीज सुबह या शाम को खुले में व्यायाम न करें।
- घर के अंदर योग या हल्की कसरत करें।
- आहार में फल, हरी सब्जियां और ओमेगा-3 युक्त चीजें शामिल करें।
सीने में दर्द, सांस की तकलीफ या थकान महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।





