छठ पूजा के बाद भारी खाना न करें, अपनाएं ये हल्का और पौष्टिक विकल्प

छठ पूजा के समापन के बाद जब व्रती महिलाएं 36 घंटे का निर्जला उपवास खोलती हैं, तो शरीर को हल्का, पौष्टिक और ऊर्जावान भोजन की जरूरत होती है। चूंकि छठ व्रत के दौरान शरीर डिटॉक्स की प्रक्रिया से गुजरता है, ऐसे में व्रत के बाद तैलीय या मसालेदार खाना खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि इस समय हल्का और सात्त्विक भोजन करना ही बेहतर होता है। ऐसे में अगर आप पूजा के बाद शरीर को स्वस्थ और एनर्जेटिक रखना चाहते हैं, तो ‘सात्त्विक खिचड़ी’ सबसे अच्छा विकल्प है। यह न केवल पेट को आराम देती है, बल्कि पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाती है।
सात्त्विक खिचड़ी बनाने की सामग्री
- चावल – ½ कप
- मूंग दाल (छिलका रहित) – ½ कप
- पानी – 3 से 4 कप (जरूरत अनुसार)
- हल्दी पाउडर – ¼ छोटी चम्मच
- नमक – स्वाद अनुसार
- घी – 1 बड़ा चम्मच
- जीरा – ½ छोटी चम्मच
- अदरक (कद्दूकस किया हुआ) – ½ छोटी चम्मच (वैकल्पिक)
- हरी मिर्च – 1 (कटी हुई, वैकल्पिक)
- हींग – 1 चुटकी
खिचड़ी बनाने की विधि
सबसे पहले चावल और मूंग दाल को अच्छी तरह धोकर करीब 10 मिनट तक भिगो दें। अब प्रेशर कुकर में घी गर्म करें और उसमें जीरा व हींग डालें।
जीरा हल्का भुन जाए तो अदरक और हरी मिर्च डालें। (मिर्च कम रखें, ताकि पेट पर असर न पड़े)। इसके बाद भीगे हुए चावल और दाल डालें और 1 मिनट तक चलाएं। अब हल्दी, नमक और पानी डालकर कुकर का ढक्कन बंद करें।
3 सीटी आने तक पकाएं। प्रेशर निकलने के बाद खिचड़ी को हल्के हाथों से चलाएं। चाहें तो ऊपर से जीरे का तड़का लगाकर इसे दही के साथ परोसें।
क्यों है यह डिश फायदेमंद
सात्त्विक खिचड़ी व्रत के बाद पाचन के लिए बेहद लाभदायक मानी जाती है। यह न सिर्फ शरीर में ऊर्जा लौटाती है बल्कि डिटॉक्स के बाद पेट पर कोई दबाव नहीं डालती। इसलिए छठ पूजा के बाद इसे भोजन में जरूर शामिल करें।





