बीपी मरीजों को बड़ी राहत वैज्ञानिकों ने रोज दवा खाने की जरूरत कम करने वाला नया कारगर तरीका खोजा

हाई ब्लड प्रेशर दुनियाभर में तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार 2024 में 30 से 79 वर्ष की आयु के करीब 1.4 अरब वयस्क हाइपरटेंशन से प्रभावित थे, जो इस आयु वर्ग की आबादी का लगभग एक-तिहाई है। विशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों में भी हाई बीपी के मामले बढ़ रहे हैं, जिससे कम उम्र में ही गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
हाइपरटेंशन के मरीजों को आमतौर पर जीवनभर नियमित दवाएं लेनी पड़ती हैं, ताकि हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी और आंखों से जुड़ी जटिलताओं से बचाव हो सके। हालांकि अब वैज्ञानिकों ने एक ऐसा संभावित विकल्प खोजा है, जिससे रोजाना दवा लेने की जरूरत कम हो सकती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार जिलेबेसिरन (Zilebesiran) नाम का एक इंजेक्शन भविष्य में हाई बीपी नियंत्रण का प्रभावी तरीका बन सकता है। इसे साल में केवल दो बार लेने से लंबे समय तक ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। यह तकनीक लिवर में एंजियोटेंसिनोजेन नामक प्रोटीन के उत्पादन को कम करने के लिए स्मॉल इंटरफेरिंग आरएनए (siRNA) का उपयोग करती है, जिससे लगभग छह महीने तक ब्लड प्रेशर नियंत्रित रह सकता है।
द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित शुरुआती नतीजों के अनुसार यह इंजेक्शन हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी से जुड़ी समस्याओं के खतरे को कम करने में सहायक हो सकता है। फिलहाल यह लेट-स्टेज क्लिनिकल ट्रायल में है और विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित दवाओं की जगह लेने से पहले इसकी प्रभावशीलता और सुरक्षा पर अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।





