गर्दन-कंधे के पुराने दर्द से राहत सही पोस्टर, स्ट्रेचिंग और घरेलू उपायों से कम हो सकती है परेशानी

डिजिटल युग में लंबे समय तक लैपटॉप के सामने झुककर काम करना और स्मार्टफोन का लगातार इस्तेमाल गर्दन और कंधों के दर्द की बड़ी वजह बनता जा रहा है। चिकित्सा की भाषा में इसे ‘टेक्स्ट नेक’ या ‘पोश्चर स्ट्रेन’ कहा जाता है, जिसमें गलत मुद्रा में बैठने से गर्दन की मांसपेशियों और रीढ़ पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह समस्या आगे चलकर सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस जैसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकती है।
डॉक्टर बताते हैं कि सही बैठने की मुद्रा अपनाना इस दर्द से बचाव का सबसे पहला कदम है। कंप्यूटर स्क्रीन को आंखों के समानांतर रखना, हर 30–40 मिनट में ब्रेक लेना और मोबाइल को नीचे झुकाकर देखने के बजाय आंखों के सामने लाना गर्दन पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है।
गर्दन की जकड़न दूर करने के लिए हल्की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज—जैसे गर्दन को दाएं-बाएं व ऊपर-नीचे घुमाना और कंधों को गोल घुमाना—काफी फायदेमंद मानी जाती हैं। इसके अलावा गर्म सिकाई और हल्की तेल मालिश से मांसपेशियों को आराम मिलता है और सूजन कम होती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सही तकिए का उपयोग, नियमित योग-व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली अपनाने से इस समस्या से लंबे समय तक राहत मिल सकती है। यदि दर्द के साथ हाथों में सुन्नपन, कमजोरी या चक्कर जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से परामर्श लेना जरूरी है।





