स्वास्थ्य विभाग की सलाह: लक्षण दिखते ही तुरंत जांच कराएं और आइसोलेट रहें

दिल्ली-एनसीआर में बरसात के बाद मौसम बदलते ही बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। हाल ही में यहां कोविड जैसे लक्षणों वाली बीमारी के मामले सामने आ रहे हैं, जिसे डॉक्टर H3N2 फ्लू वायरस से जोड़ रहे हैं।

लक्षण और गंभीरता

हालिया सर्वे में पाया गया कि दिल्ली-एनसीआर के लगभग 70% घरों में लोग इस संक्रमण से प्रभावित हैं। प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:

  • तेज बुखार
  • सिरदर्द और बदन दर्द
  • लगातार खांसी
  • गले में खराश
  • असामान्य थकान

H3N2 फ्लू हल्का नहीं है; संक्रमितों में लक्षण 7 दिन से 15 दिन तक रह सकते हैं और कुछ मामलों में अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता पड़ती है।

डॉक्टर क्या कहते हैं?

डॉ. अमित भार्गव, क्रिटिकल केयर मेडिसिन के प्रमुख, बताते हैं कि हर साल फ्लू के मामलों में दो बार बढ़ोतरी देखी जाती है—मानसून और सर्दियों में।
वे बताते हैं कि बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और हृदय, फेफड़े या मधुमेह जैसी पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। संक्रमण से ब्रोंकाइटिस और निमोनिया जैसी जटिलताएं भी हो सकती हैं।

बचाव के उपाय

  • हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं या हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
  • बाहर जाते समय मास्क पहनें, खासकर भीड़ में।
  • भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।
  • आहार में ताजे फल-सब्जियां, पर्याप्त पानी और नींद लें।
  • यदि बुखार 3 दिन से अधिक समय तक बना रहे, सांस लेने में कठिनाई हो, या गंभीर गले का दर्द और चक्कर आए, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

विशेषज्ञों का कहना है कि सावधानी बरतने से इस संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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