शहरी जीवनशैली हार्ट के लिए खतरनाक, रोजाना व्यायाम और संतुलित आहार जरूरी

दुनियाभर में हृदय रोग मृत्यु का प्रमुख कारण बने हुए हैं। 2023 में कार्डियोवैस्कुलर रोगों (CVD) के कारण 1.92 करोड़ से अधिक लोगों की मौत हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी जीवनशैली के बदलाव के चलते भारत में भी हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं।

शहरी जीवनशैली और हार्ट डिज़ीज़

द इंडिया इंक हार्ट इंडेक्स रिपोर्ट (सितंबर 2025) के अनुसार, पिछले 3 वर्षों में प्रमुख मेट्रो शहरों में पेशेवरों में हृदय रोग के मामले 40% बढ़े हैं। लंबे समय तक ऑफिस में बैठे रहना, ट्रैफिक, देर रात तक जागना और फास्ट/जंक फूड का सेवन इन मामलों के मुख्य कारण हैं।

प्रमुख कारण

  • शारीरिक गतिविधि की कमी: 65% पेशेवर दिन में 30 मिनट से कम समय व्यायाम या शारीरिक गतिविधि में खर्च करते हैं।
  • जंक और प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन: ट्रांस फैट, नमक और चीनी की अधिक मात्रा धमनियों में प्लाक जमा कर देती है।
  • तनाव: लगातार तनाव शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालिन बढ़ाता है, जिससे दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर असामान्य हो जाते हैं।
  • लंबे समय तक बैठे रहना: लिफ्ट का इस्तेमाल, वाहन पर निर्भरता और पैदल चलने में कमी भी हृदय रोगों को बढ़ाती है।

बचाव के उपाय

  • रोजाना 30 मिनट व्यायाम या तेज़ चलना।
  • संतुलित आहार: ताजे फल-सब्जियां, साबुत अनाज, ड्राई फ्रूट्स और तले/प्रोसेस्ड फूड से दूरी।
  • तनाव नियंत्रण: योग, ध्यान और पर्याप्त नींद।
  • नियमित स्वास्थ्य जांच: ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज़ पर नजर रखें।
  • डॉक्टरों का कहना है कि जीवनशैली में छोटे बदलाव भी हृदय रोग के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

Related Articles

Back to top button