गलत खान-पान और कम पानी पीना बना यूरिक एसिड बढ़ने की बड़ी वजह

शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ना एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसे नजरअंदाज करने पर यह गाउट जैसे गठिया रोग का रूप ले सकता है। लंबे समय तक खून में यूरिक एसिड अधिक रहने पर जोड़ों में नुकीले क्रिस्टल जमा होने लगते हैं, जिससे तेज दर्द, सूजन, लालिमा और जकड़न महसूस होती है। यह समस्या खासतौर पर पैरों के अंगूठों और सुबह के समय अधिक दिखाई देती है।

विशेषज्ञों के अनुसार यूरिक एसिड शरीर में प्यूरीन नामक तत्व के टूटने से बनता है, जिसे सामान्य स्थिति में किडनी पेशाब के जरिए बाहर निकाल देती है। लेकिन जब इसकी मात्रा बढ़ जाती है या किडनी सही तरह से फिल्टर नहीं कर पाती, तो यह जोड़ों में जमा होकर गंभीर दर्द का कारण बनता है। समय रहते नियंत्रण न करने पर किडनी स्टोन और हृदय रोग का खतरा भी बढ़ सकता है।

किन चीजों से करें परहेज
रेड मीट, मछली और अधिक प्यूरीन वाली दालों का सेवन सीमित करें। कोल्ड ड्रिंक और सोडा से दूरी बनाए रखें, क्योंकि ये यूरिक एसिड का स्तर बढ़ाते हैं। संतुलित आहार अपनाकर जोड़ों की सूजन और दर्द के जोखिम को कम किया जा सकता है।

पानी और विटामिन-C की अहम भूमिका
दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना जरूरी है, जिससे किडनी शरीर से अतिरिक्त यूरिक एसिड बाहर निकाल सके। संतरा, नींबू और आंवला जैसे विटामिन-C से भरपूर फल किडनी के कार्य को बेहतर बनाते हैं और यूरिक एसिड कम करने में मदद करते हैं।

फाइबर और चेरी से मिल सकता है फायदा
दलिया, साबुत अनाज और हरी सब्जियां जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ अतिरिक्त यूरिक एसिड को कम करने में सहायक होते हैं। वहीं चेरी में मौजूद एंथोसायनिन तत्व जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में मददगार माना जाता है। नियमित और संतुलित जीवनशैली अपनाकर यूरिक एसिड को नियंत्रित रखा जा सकता है।

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