यूरिक एसिड का असर सिर्फ जोड़ों पर नहीं, स्किन पर भी दिखते हैं ये 4 खतरे के निशान

जब भी शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने की बात होती है, तो सबसे पहले दिमाग में जोड़ों का दर्द और गठिया (Gout) आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यूरिक एसिड का असर सिर्फ जोड़ों पर ही नहीं, बल्कि आपकी त्वचा (Skin) पर भी दिख सकता है?

यूरिक एसिड दरअसल भोजन के पाचन से बनने वाला एक अपशिष्ट पदार्थ है, जिसे किडनी फिल्टर करके शरीर से बाहर निकाल देती है। लेकिन जब यह ज़्यादा मात्रा में बनने लगता है या किडनी इसे बाहर नहीं निकाल पाती, तो यह क्रिस्टल के रूप में जोड़ों में जमा होकर दर्द और सूजन का कारण बनता है।

जोड़ों में तेज दर्द, लालिमा, सूजन और गर्माहट इसके सामान्य लक्षण हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि बढ़ा हुआ यूरिक एसिड त्वचा पर भी कई संकेत छोड़ता है, जिन्हें अक्सर लोग नज़रअंदाज कर देते हैं। आइए जानते हैं ऐसे चार स्किन लक्षण, जो बढ़े हुए यूरिक एसिड का इशारा हो सकते हैं —

1. त्वचा के नीचे गांठें बनना (Tofi Formation)

जब यूरिक एसिड का स्तर लंबे समय तक ज़्यादा रहता है, तो इसके क्रिस्टल त्वचा के नीचे जमा होकर सख्त, दर्द रहित गांठें बना देते हैं। इन्हें ‘टोफी’ कहा जाता है। ये आमतौर पर उंगलियों, कोहनी, कान और पैर के अंगूठे के आसपास दिखती हैं। यह क्रोनिक गाउट का प्रमुख संकेत है।

2. त्वचा का छिलना और लाल होना

यूरिक एसिड बढ़ने से शरीर में सूजन बढ़ती है, जिसका असर त्वचा पर भी दिखाई देता है। इससे त्वचा रूखी, पपड़ीदार और लाल हो सकती है। कई बार यह लक्षण सोरायसिस (Psoriasis) जैसे दिखते हैं। जोड़ों के पास की त्वचा का सूज जाना और लाल पड़ना भी एक सामान्य लक्षण है।

3. त्वचा में लगातार खुजली होना

जब यूरिक एसिड के क्रिस्टल त्वचा के नीचे जमा होते हैं, तो वे नसों को उत्तेजित करते हैं, जिससे लगातार खुजली हो सकती है। यह खुजली बिना किसी दाने या चकत्ते के भी महसूस होती है और सामान्य क्रीम से ठीक नहीं होती।

4. त्वचा के रंग में बदलाव आना

गाउट अटैक के दौरान प्रभावित जोड़ के ऊपर की त्वचा लाल, बैंगनी और चमकदार दिखने लगती है। यह जगह छूने पर गर्म और संवेदनशील महसूस होती है।

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