आंखों का पीला होना कहीं पीलिया का शुरुआती संकेत तो नहीं, समय रहते पहचानें लक्षण

पीलिया एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत है, जिसमें त्वचा और आंखों का सफेद हिस्सा पीला दिखाई देने लगता है। इसे चिकित्सकीय रूप से जॉन्डिस कहा जाता है। यह स्थिति रक्त में बिलीरुबिन नामक पीले पिगमेंट के अत्यधिक जमा होने से होती है। बिलीरुबिन वास्तव में लाल रक्त कोशिकाओं के टूटने पर बनता है। सामान्य अवस्था में लिवर इसे संसाधित कर पित्त के माध्यम से बाहर निकाल देता है।

लेकिन जब लिवर ठीक से काम नहीं करता, पित्त नलिकाएं अवरुद्ध हो जाती हैं या लाल रक्त कोशिकाएं असामान्य रूप से तेजी से टूटने लगती हैं, तो बिलीरुबिन का स्तर बढ़ जाता है और पीलिया विकसित हो जाता है। यह समस्या बच्चों और वयस्कों दोनों को हो सकती है और अक्सर हेपेटाइटिस, पित्ताशय की पथरी या गंभीर लिवर रोग का शुरुआती संकेत होती है। इसलिए आंखों या त्वचा में पीलेपन को हल्के में न लें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

पीलिया के शुरुआती और प्रमुख लक्षण

  • आंखों का पीला होना पीलिया का सबसे प्रमुख संकेत है, लेकिन इसके साथ कई अन्य लक्षण भी सामने आते हैं, जैसे—
    • त्वचा का पीला या नारंगी रंग होना
    • पेशाब का अत्यधिक गहरा रंग (बिना दूध वाली चाय जैसा)
    • मल का हल्का या मिट्टी जैसा रंग
    • तेज खुजली, क्योंकि बिलीरुबिन त्वचा के नीचे जमा होने लगता है
    • हल्का बुखार, थकान और पेट दर्द जैसे फ्लू जैसे लक्षण

ये शुरुआती संकेत आगे चलकर गंभीर जटिलताओं में बदल सकते हैं, इसलिए इनका समय पर ध्यान देना ज़रूरी है।

लिवर और पाचन तंत्र से जुड़े अन्य लक्षण

  • पीलिया होने पर लिवर पर दबाव बढ़ने के कारण पाचन संबंधी समस्याएं भी दिखाई देती हैं। मरीज को—
    • मतली
    • उल्टी
    • भूख में कमी
    • पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द

जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।
अगर पीलिया पित्त नलिका में रुकावट (जैसे पित्ताशय की पथरी) से होता है, तो पेट में तेज दर्द हो सकता है और तुरंत उपचार की जरूरत होती है।

विटामिन B12 की कमी से भी हो सकता है पीलिया

कुछ मामलों में पीलिया का कारण विटामिन B12 की गंभीर कमी भी हो सकती है। इससे पर्निशियस एनीमिया होता है, जिसमें लाल रक्त कोशिकाएं बड़ी और असामान्य बन जाती हैं और जल्दी नष्ट हो जाती हैं। इसी वजह से बिलीरुबिन स्तर बढ़ने लगता है।
ध्यान रहे—केवल B12 सप्लीमेंट लेने से पीलिया ठीक नहीं होता। इसका इलाज मूल कारण के अनुसार ही किया जाता है, जैसे वायरल हेपेटाइटिस, रुकावट या एनीमिया का उपचार।

कब करें डॉक्टर से संपर्क?

  • अगर आपको इनमें से कोई लक्षण दिखाई दे—
    • आंखों या त्वचा में पीलापन
    • पेशाब का अत्यधिक गहरा रंग
    • बिना कारण खुजली
    • लगातार थकान या बुखार

तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। निदान के लिए लिवर फंक्शन टेस्ट और अन्य ब्लड टेस्ट जरूरी होते हैं। सही समय पर उपचार से लिवर सिरोसिस, हेपेटाइटिस या पित्त नलिका में रुकावट जैसी गंभीर स्थितियों को नियंत्रित किया जा सकता है।

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