सांस की बीमारियों वाले लोगों के लिए पटाखों से बचाव के जरूरी उपाय

दिवाली के पर्व में रोशनी, खुशियों और पटाखों का उत्साह हर जगह देखने को मिलता है, लेकिन इसके साथ हवा में प्रदूषण का स्तर भी कई गुना बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अस्थमा, एलर्जी और अन्य श्वसन रोगों से पीड़ित लोगों के लिए यह समय विशेष सावधानी का है।
दिल्ली-एनसीआर में इस बार दिवाली से पहले ही प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ. गरिमा सेकिया के अनुसार, दिवाली के बाद बड़ी संख्या में मरीज सांस संबंधी जटिलताओं के साथ अस्पतालों में आते हैं। पटाखों से निकलने वाला धुआँ और सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड व कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी गैसें फेफड़ों में सूजन और अस्थमा अटैक का कारण बन सकती हैं।
सावधानी के उपाय:
- बाहर जाने से बचें, खासकर रात में जब धुआँ अधिक होता है।
- घर की खिड़कियां बंद रखें और एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।
- अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो मास्क पहनें।
- घर में अगरबत्ती या धूपबत्ती का उपयोग सीमित करें, इनडोर प्रदूषण से बचें।
- इनहेलर, नेबुलाइजर और दवाएं हमेशा पास रखें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर शरीर को हाइड्रेट रखें।
डॉ. गरिमा का कहना है कि तेज खांसी, सीने में भारीपन या सांस फूलने की समस्या होने पर तुरंत दवा लें और डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि स्थिति बिगड़ने से पहले नियंत्रित की जा सके।
त्योहार की खुशियों के बीच अपनी सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।





