हेल्थ अलर्ट: अगर ये लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराएं, वरना पड़ सकता है खून चढ़वाना

गर्मियों में तेज धूप, उमस और ज्यादा पसीना आने की वजह से स्किन पर खुजली, लाल दाने और रैशेज की समस्या आम हो जाती है। इसे अक्सर हल्की परेशानी मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन कई बार यह हीट रैश (घमौरियां) हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह समस्या तब होती है जब त्वचा के स्वेट डक्ट्स ब्लॉक हो जाते हैं और पसीना बाहर निकलने की बजाय त्वचा के अंदर ही फंस जाता है।
हीट रैश क्या होता है?
हीट रैश एक सामान्य स्किन समस्या है, जिसे ‘प्रिकली हीट’, ‘स्वेट रैश’ या ‘मिलियारिया’ भी कहा जाता है। यह अधिक गर्मी और पसीने के कारण होता है।
क्यों होता है हीट रैश?
- स्वेट डक्ट्स ब्लॉक होने पर पसीना त्वचा में फंस जाता है
- ज्यादा गर्मी और उमस
- टाइट कपड़े पहनना
- साफ-सफाई की कमी
- अधिक पसीना आना
क्या हैं इसके लक्षण? - त्वचा पर छोटे-छोटे लाल दाने
- खुजली और जलन
- चुभन या असहजता
- गर्दन, पीठ, बगल और जांघों में ज्यादा असर
किन लोगों को ज्यादा खतरा? - छोटे बच्चे
- ज्यादा पसीना आने वाले लोग
- मोटापा (ओबिसिटी) से ग्रस्त व्यक्ति
- डायबिटीज के मरीज
- टाइट कपड़े पहनने वाले
हीट रैश, एलर्जी और फंगल इन्फेक्शन में अंतर - हीट रैश: गर्मी और पसीने से होता है, छोटे लाल दाने
- एलर्जी: किसी चीज के रिएक्शन से, सूजन और तेज खुजली
- फंगल इन्फेक्शन: फंगस के कारण, गोल दाने और स्किन छिलना
घरेलू उपाय क्या हैं? - ठंडी पट्टी या बर्फ से सिकाई
- एलोवेरा जेल लगाना
- ठंडा खीरा लगाना
- चंदन का पेस्ट
नीम का उपयोग (एंटीबैक्टीरियल गुण) - कब डॉक्टर से संपर्क करें?
- 3-4 दिन में रैश ठीक न हो
- दाने बढ़ते जाएं
- बुखार, पस या सूजन दिखे
जरूरी सलाह - ढीले और कॉटन के कपड़े पहनें
- रोज नहाएं और साफ-सफाई रखें
- पसीने वाले कपड़े तुरंत बदलें
- शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखें





