बार-बार नाक से खून आना हो सकता है खतरनाक, डॉक्टर ने बताए जरूरी टिप्स

गर्मियों में तेज तापमान और सूखी हवा के कारण नाक से खून आने यानी नकसीर (नोज ब्लीड) की समस्या बढ़ जाती है। मेडिकल भाषा में इसे ‘एपिस्टैक्सिस’ कहा जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक गर्मी में हवा रूखी होने से नाक की अंदरूनी म्यूकस लेयर सूख जाती है, जिससे नाजुक ब्लड वेसल्स फट सकती हैं और ब्लीडिंग शुरू हो जाती है।
‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ के अनुसार दुनिया में करीब 60% लोग जीवन में कभी न कभी नोज ब्लीड की समस्या का सामना करते हैं। ज्यादातर मामलों में यह सामान्य होती है, लेकिन कई बार यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार डिहाइड्रेशन, तेज धूप, एलर्जी, सर्दी-जुकाम, हाई ब्लड प्रेशर, नाक में उंगली डालने की आदत, ब्लड थिनर दवाइयां और स्मोकिंग भी नोज ब्लीड की बड़ी वजह बन सकती हैं। वहीं बार-बार नाक से खून आना हाई बीपी, प्लेटलेट्स की कमी, हीमोफीलिया, साइनस इन्फेक्शन या ब्लड कैंसर जैसी बीमारियों का संकेत भी हो सकता है।
डॉक्टरों के मुताबिक 2 से 10 साल के बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और ब्लड थिनर दवाएं लेने वाले लोगों में इसका खतरा ज्यादा रहता है। गर्मियों में शरीर में पानी की कमी और सूखी हवा नाक की अंदरूनी परत को कमजोर कर देती है, जिससे ब्लड वेसल्स जल्दी फट सकती हैं।
नाक से खून आने पर घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले व्यक्ति को बैठाकर सिर थोड़ा आगे की ओर झुकाएं। नाक को हल्के हाथ से दबाकर रखें और ठंडी पट्टी लगाएं। डॉक्टरों का कहना है कि सिर पीछे नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे खून गले में जा सकता है।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि गर्मियों में पर्याप्त पानी पिएं, तरबूज, खीरा और विटामिन-C से भरपूर फल खाएं। ज्यादा मसालेदार भोजन, धूल-धुआं और स्मोकिंग से बचें। यदि बार-बार नोज ब्लीड हो, ब्लीडिंग लंबे समय तक जारी रहे या चक्कर और कमजोरी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।





