दिल्ली धमाके की गुत्थी सुलझने की कगार पर, फरीदाबाद नेटवर्क से जुड़ रहे सुराग

दिल्ली के लाल किला इलाके में सोमवार शाम हुए धमाके की जांच में अब विस्फोटक से लदी कार जांच एजेंसियों के फोकस में आ गई है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि धमाके में इस्तेमाल हुई यह कार कहां से आई थी और किस रूट से होकर लाल किला क्षेत्र तक पहुंची।
जांच में खुलासा हुआ है कि धमाके में इस्तेमाल की गई कार को पिछले महीने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी एक डॉक्टर ने खरीदा था।
फरीदाबाद आतंकी नेटवर्क से जुड़ाव
धमाके की जांच के दौरान दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को फरीदाबाद आतंकी नेटवर्क से जुड़ाव के संकेत मिले हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलवामा के जिस डॉक्टर ने कार खरीदी थी, उसका संपर्क फरीदाबाद में गिरफ्तार आरोपी मुजम्मिल शकील और सहारनपुर से पकड़े गए डॉक्टर आदिल से था।
दोनों ही आरोपी पेशे से डॉक्टर हैं और जम्मू-कश्मीर से संबंध रखते हैं।
अमोनियम नाइट्रेट का शक
फरीदाबाद से पकड़े गए डॉक्टर के पास से करीब तीन क्विंटल अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया था। अब शक जताया जा रहा है कि दिल्ली धमाके में भी यही विस्फोटक इस्तेमाल हुआ।
धमाके के बाद उठीं नारंगी लपटें भी इसी ओर इशारा करती हैं, क्योंकि अमोनियम नाइट्रेट के जलने पर आमतौर पर ऐसी लपटें दिखाई देती हैं।
सूत्रों के मुताबिक, फरीदाबाद से विस्फोटक की बरामदगी के बाद साजिश में शामिल लोगों में हड़कंप मच गया था।
संभावना है कि उन्होंने विस्फोटक सामग्री को कहीं और ले जाने की कोशिश की हो, और इसी दौरान धमाका हो गया, या फिर पोल खुलने के डर से जानबूझकर भीड़भाड़ वाले इलाके में विस्फोट किया गया।
कार के रूट की जांच
जांच एजेंसियां अब सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी हैं ताकि कार का पूरा रूट ट्रेस किया जा सके।
जानकारी के मुताबिक, विस्फोट से पहले कार कई घंटे तक लाल किला इलाके की एक पार्किंग में खड़ी रही थी।
शाम को जब कार को वहां से निकाला गया, तो कुछ देर बाद ही उसमें धमाका हो गया।





