संसद मार्च का CJP ने किया ऐलान, ‘सोफे से निकलकर जंतर-मंतर आइए’ की अपील

प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के विरोध में जंतर-मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन अब तेज होने जा रहा है। संगठन ने 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर से संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने का ऐलान किया है।
CJP ने देशभर के छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों से मार्च में शामिल होने की अपील की है। संगठन की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की है।
इस मार्च की अगुवाई शिक्षाविद् और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक करेंगे। वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। संगठन के अनुसार, भूख हड़ताल के दौरान उनका वजन 7 किलो से अधिक घट चुका है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लोगों से अपील करते हुए कहा कि केवल सोशल मीडिया पर समर्थन देने के बजाय 20 जुलाई को जंतर-मंतर पहुंचकर शांतिपूर्ण मार्च में शामिल हों।
वहीं, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शनकारियों को परेशान करने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शन स्थल पर तिरपाल लगाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। दूसरी ओर, भूख हड़ताल पर बैठे आइसा कार्यकर्ता ऋषिकेश की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस आंदोलन को विपक्षी नेताओं का भी समर्थन मिल रहा है। शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत और माकपा नेता सुभाषिनी अली जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उतरे। अरविंद सावंत ने भरोसा दिलाया कि वह मानसून सत्र के दौरान संसद में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे।





