उद्घाटन से पहले एक्सप्रेसवे को झटका: प्रदर्शनी स्थल पर धंसी सड़क, अंडरपास में दरार ने बढ़ाई चिंता

लोकार्पण के कुछ ही दिनों बाद कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर लगातार सामने आ रही धंसने और दरारों की घटनाओं ने निर्माण गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोकार्पण के कुछ ही दिनों बाद कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने, दरारें आने और बार-बार मरम्मत की जरूरत पड़ने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामले में झाऊखेड़ा के पास उस रेस्ट एरिया की सर्विस रोड भी धंस गई, जहां लोकार्पण के दौरान एक्सप्रेसवे की हाईटेक तकनीक और निर्माण की विशेषताओं की प्रदर्शनी लगाई गई थी। बाबाखेड़ा क्षेत्र में अंडरपास के पास भी गहरी दरार और डिवाइडर में झुकाव की बात सामने आई है।
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे फिर धंसा, लोकार्पण वाली जगह पर भी आई दरार
कानपुर/उन्नाव। करीब 4200 करोड़ रुपये की लागत से बने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की हालत को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। लोकार्पण के बाद से ही एक्सप्रेसवे के अलग-अलग हिस्सों में सड़क धंसने, दरारें पड़ने और सतह उखड़ने की घटनाएं सामने आ रही हैं। अब उस स्थान के पास भी सड़क धंस गई है, जहां उद्घाटन के दौरान हाईटेक एक्सप्रेसवे की तस्वीरों और तकनीक की प्रदर्शनी लगाई गई थी।
ताजा घटना झाऊखेड़ा गांव के पास बने रेस्ट एरिया की है। यहां लखनऊ-कानपुर लेन पर सर्विस रोड में करीब 40 मीटर लंबी दरार आने की सूचना है। यह वही इलाका है, जहां 13 जुलाई को लोकार्पण के दौरान एक्सप्रेसवे की आधुनिक तकनीक और निर्माण गुणवत्ता को लेकर प्रस्तुति दी गई थी।
अंडरपास में भी दरार, डिवाइडर झुका
एक्सप्रेसवे पर बाबाखेड़ा क्षेत्र में बने अंडरपास के पास भी सड़क और संरचना में दरार की समस्या सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, डिवाइडर में भी झुकाव देखा गया है। इसके अलावा कई अन्य स्थानों पर सड़क दबने से व्हील ट्रैक बनने, ऊपरी परत उखड़ने और किनारे की मिट्टी धंसने जैसी शिकायतें सामने आई हैं।
उन्नाव और लखनऊ के बीच ग्रीनफील्ड हिस्से में लगातार पैचवर्क और मरम्मत का काम चल रहा है। कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त सड़क को काटकर दोबारा बनाने की नौबत आ चुकी है। इससे एक्सप्रेसवे के निर्माण और गुणवत्ता को लेकर लोगों के बीच सवाल तेज हो गए हैं।
वाहन चालकों के लिए बढ़ी परेशानी
कुछ स्थानों पर सड़क की मरम्मत के चलते यातायात को एक लेन से डायवर्ट कर काम कराया जा रहा है। इससे वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले भी एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों में सड़क दबने और सतह खराब होने के बाद मरम्मत की गई थी।
निर्माण एजेंसी की ओर से बारिश के कारण कुछ जगहों पर मिट्टी बहने और सड़क दबने की बात कही गई है। एजेंसी का कहना है कि जहां भी सड़क में समस्या आ रही है, वहां क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कर नई परत बिछाई जा रही है। वहीं, लगातार सामने आ रही खामियों ने 4200 करोड़ रुपये के इस बड़े प्रोजेक्ट की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है।





