कांस्य पदक का मिला इनाम, बीडब्ल्यूएफ रैंकिंग में ऊपर पहुंची त्रिशा-गायत्री की जोड़ी

भारतीय बैडमिंटन की स्टार महिला युगल जोड़ी त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन का इनाम विश्व रैंकिंग में बड़ी छलांग के रूप में हासिल किया है। कांस्य पदक जीतने के बाद दोनों की जोड़ी 39वें स्थान से 12 पायदान ऊपर पहुंच गई है।
अब दोनों खिलाड़ी दुनिया की 27वीं रैंक वाली महिला युगल जोड़ी बन गई हैं। वर्ल्ड चैंपियनशिप में उनके दमदार प्रदर्शन से उनके रैंकिंग अंक 33,692 से बढ़कर 44,192 हो गए।
क्वार्टर फाइनल में चीनी जोड़ी को दिया था झटका
त्रिशा-गायत्री ने वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में चौथी वरीयता प्राप्त चीन की जिया यी फान और झांग शू शियान की जोड़ी को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। एक गेम से पिछड़ने के बाद भारतीय जोड़ी ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबला 16-21, 21-15, 21-13 से अपने नाम किया और सेमीफाइनल में जगह बनाई।
सेमीफाइनल में उनका मुकाबला दुनिया की नंबर एक और मौजूदा चैंपियन चीन की लियू शेंग शू और तान निंग की जोड़ी से हुआ। त्रिशा और गायत्री ने पहला गेम जीतकर मजबूत शुरुआत की, लेकिन अगले दो गेम हारने के बाद उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। इसके बावजूद उनका प्रदर्शन भारतीय बैडमिंटन के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ।
15 साल बाद भारतीय महिला युगल को मिला वर्ल्ड चैंपियनशिप पदक
त्रिशा और गायत्री की इस उपलब्धि ने भारतीय महिला युगल बैडमिंटन में एक नया अध्याय जोड़ दिया। ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा के 2011 में कांस्य पदक जीतने के बाद यह पहली भारतीय महिला युगल जोड़ी बनी, जिसने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक अपने नाम किया। साथ ही, यह भारत का इस बार की विश्व चैंपियनशिप में एकमात्र पदक भी रहा।
पुरुष एकल रैंकिंग में भी बड़ा फेरबदल
ताजा बीडब्ल्यूएफ रैंकिंग में पुरुष एकल वर्ग में भी कई बदलाव देखने को मिले हैं। इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी नए वर्ल्ड नंबर-1 बन गए हैं। भारतीय खिलाड़ियों में लक्ष्य सेन एक स्थान ऊपर चढ़कर 13वें नंबर पर पहुंच गए हैं, जबकि आयुष शेट्टी ने दो स्थान की छलांग लगाकर टॉप-20 में जगह बना ली है और अब वह 20वें स्थान पर हैं।
त्रिशा-गायत्री के लिए यह कांस्य पदक सिर्फ एक ऐतिहासिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके करियर के लिए नई शुरुआत भी साबित हो सकता है। रैंकिंग में 12 पायदान की जबरदस्त छलांग के बाद अब भारतीय जोड़ी की नजर आने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में अपनी स्थिति और मजबूत करने पर होगी।





