फिर आंदोलन की राह पर सीजेपी! राज्य सरकारों से मांगा जवाब, छह सवालों ने बढ़ाई सियासी हलचल

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके ने सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था को लेकर एक बार फिर राज्य सरकारों को घेरा है। दीपके ने देशभर के शिक्षा मंत्रियों को पत्र भेजकर सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति पर जवाब मांगा है। उन्होंने स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी, शिक्षकों के खाली पद, जर्जर भवनों, बजट खर्च और डिजिटल शिक्षा व्यवस्था को लेकर छह बड़े सवाल उठाए हैं।
CJP ने पूछा है कि पिछले पांच वर्षों में कितने सरकारी स्कूलों की मरम्मत या नवीनीकरण किया गया, कितने स्कूल अभी भी जर्जर हालत में हैं और कितने शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। संगठन ने स्कूल शिक्षा के लिए आवंटित बजट और वास्तविक खर्च का ब्योरा भी सार्वजनिक करने की मांग की है।
दीपके ने राज्यों से यह जानकारी भी मांगी है कि कितने सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित पेयजल, साफ शौचालय, पर्याप्त कक्षाएं, बेंच, खेल सुविधाएं और कंप्यूटर या डिजिटल लर्निंग की व्यवस्था उपलब्ध है। इसके अलावा शिक्षकों से पढ़ाई के अलावा कराए जा रहे गैर-शैक्षणिक कार्यों पर भी सवाल उठाया गया है।
CJP का कहना है कि सरकारी स्कूलों की समस्याओं को केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि जमीन पर सुधार के जरिए हल किया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से संगठन ने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू किया है, जिसके तहत अलग-अलग राज्यों के सरकारी स्कूलों की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। हाल के दिनों में इस अभियान को लेकर कई राज्यों में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल भी देखने को मिली है।
अब सबकी नजर राज्य सरकारों और शिक्षा मंत्रियों के जवाब पर रहेगी। CJP ने मांग की है कि सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति और सुविधाओं से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं, ताकि यह साफ हो सके कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और सम्मानजनक शिक्षा देने के लिए अभी कितना काम किया जाना बाकी है।





