हार्ट की बीमारी से पहले शरीर देता है संकेत, समय रहते पहचानना है जरूरी

आज के समय में दिल से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अक्सर लोग मानते हैं कि हार्ट अटैक या दिल की बीमारी अचानक होती है, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक दिल कमजोर होने से पहले शरीर कई चेतावनी संकेत देता है, जिन्हें लोग सामान्य थकान या पाचन समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

इसी विषय पर डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में बताया कि दिल की सेहत एक दिन में नहीं बिगड़ती, बल्कि यह धीरे-धीरे कमजोर होती है। समय रहते लक्षणों की पहचान कर बड़े खतरे से बचा जा सकता है।

डॉक्टर के अनुसार, जब दिल शरीर की जरूरत के मुताबिक खून पंप नहीं कर पाता, तो शरीर में ऑक्सीजन की कमी और तरल पदार्थ का जमाव होने लगता है। इसके कुछ शुरुआती संकेत इस प्रकार हैं—

आगे झुकते ही सांस फूलना, जिसे मेडिकल भाषा में बेंडोपनिया कहा जाता है। जूते के फीते बांधते समय या झुकते ही 10–15 सेकंड में सांस घुटने लगती है और सीधा खड़े होते ही राहत मिल जाती है।

खाना खाने के बाद जरूरत से ज्यादा थकान, सुस्ती, सीने में भारीपन या चक्कर आना। यह संकेत हो सकता है कि दिल पाचन के लिए जरूरी अतिरिक्त खून पंप करने में संघर्ष कर रहा है।

खाने के तुरंत बाद पेट फूलना या भारीपन महसूस होना। इसे अक्सर गैस या एसिडिटी समझ लिया जाता है, लेकिन यह दिल की कमजोरी से भी जुड़ा हो सकता है।

पैरों, टखनों या पंजों में सूजन। दिल कमजोर होने पर शरीर में पानी जमा होने लगता है, जिससे सूजन दिखाई देती है।

बिना ज्यादा मेहनत के जल्दी थक जाना। हल्का सा काम या थोड़ी दूरी चलने पर ही थकान महसूस होना भी दिल की खराब सेहत का संकेत हो सकता है।

डॉक्टरों का कहना है कि इन लक्षणों को शुरुआती दौर में पहचान कर सही लाइफस्टाइल, डाइट और इलाज से दिल को फिर से मजबूत बनाया जा सकता है। ऐसे संकेत दिखें तो देरी किए बिना डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

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