कॉफी पीने से पहले हो जाएं सावधान, इंटरनेट पर वायरल हुआ चौंकाने वाला दावा

कॉफी हम में से कई लोगों की सबसे पसंदीदा पेय हो सकती है। अक्सर लोगों के सुबह की शुरुआत एक कप कॉफी से होती है। कॉफी न सिर्फ नींद और थकान दूर करके दिमाग को सक्रिय और शरीर को ऊर्जावान बनाती है, बल्कि अध्ययनों में इसे लिवर से संबंधित कई गंभीर बीमारियों से बचाने वाला भी पाया गया है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो शरीर को हानिकारक फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं।

कई अध्ययनों में यह भी सामने आया है कि सीमित मात्रा में कॉफी पीने से डिप्रेशन और स्ट्रेस में भी आराम मिल सकता है। यही वजह है कि ऑफिस हो, कॉलेज या घर, हर जगह कॉफी का अपना एक अलग क्रेज है।

लेकिन इसी बीच एक चौंकाने वाली बात भी सामने आ रही है, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि कॉफी में कॉकरोच मिले होते हैं। यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, पर रिपोर्ट्स इस ओर इशारा करते हैं कि कॉफी बीन्स में पिसे हुए कीड़ों के अंश हो सकते हैं। हालांकि, यह प्राकृतिक रूप से प्रोसेसिंग के दौरान होता है और कई बार यह इतना सूक्ष्म होता है कि आम उपभोक्ता को पता भी नहीं चलता।

कॉफी में कॉकरोच, कितनी है सच्चाई?

कॉफी में कॉकरोच होने की बात परेशान कर सकती है, अगर ये आपकी सबसे पसंदीदा पेय है। जब हमने इसकी प्रमाणिकता जानने के लिए इससे संबंधित रिपोर्ट्स को टटोला तो पता चला कि ये दावे वास्तव में कुछ हद तक सही हैं। इतना ही नहीं, यूएस फूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) तो पिसी हुई कॉफी में 10% कीट तत्वों की मौजूदगी को भी स्वीकार करता है।

मीडिया रिपोर्ट्स पर नजर डालें तो पता चलता है कि कॉफी में कॉकरोचों का पता सबसे पहले 1980 में चला था। इसकी वजह एक प्रोफेसर थे जो ताजी कॉफी के लिए मीलों सफर करते थे। जब उनके सहकर्मियों ने उनसे इसका कारण पूछा, तो उन्होंने बताया कि उन्हें पीसी हुई कॉफी से वैसी ही एलर्जी होती है जैसी कॉकरोच से होती थी।

पर कॉफी में कॉकरोच होने का कारण क्या है?

मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कॉकरोच अक्सर कॉफी की तेज खुशबू की ओर आकर्षित होते हैं। जिन गोदामों में कॉफी रखा जाता है वहां कॉकरोच भी हो सकते हैं। कॉफी बीन्स और कॉकरोच दिखने में एक जैसे होने के कारण उन सभी को हटाना भी मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा ग्रीन कॉफी बीन्स में भी कुछ सूक्ष्म कीड़े हो सकते हैं, जो प्रोसेसिंग और कॉफी बीन्स की पीसाई के दौरान कॉफी में मिल जाते हैं।

यही कारण है कि एफडीए कॉफी में 10% तक कीटों से संबंधित अंश होने की बात की स्वीकार्य करता है। ऐसा इसलिए नहीं कि कोई भी अपनी कॉफी में कीड़े चाहता है, बल्कि इसलिए कि जब इतने बड़े पैमाने पर खाद्य उत्पादन होता है, तो कीड़ों की अनुपस्थिति की गारंटी देना लगभग असंभव है।

तो क्या इससे सेहत को नुकसान होता है?

एफडीए स्वीकार करता है कि कॉफी में कीटों के अंश हो सकते हैं पर ये यह निम्न स्तर आमतौर पर लोगों के लिए सुरक्षित है।

हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि जिन लोगों को क्रस्टेशियंस से एलर्जी है, उन्हें ग्राउंड कॉफी पीने से बचना चाहिए, क्योंकि ये लोग अक्सर ट्रोपोमायोसिन नामक प्रोटीन से प्रतिक्रिया करते हैं, जो कॉकरोच में पाया जाता है। एनाफिलैक्सिस यूके के अनुसार, जिन लोगों को एलर्जी है उन्हें कॉफी पीने से बचना चाहिए। अगर आपको कॉकरोच से भी एलर्जी है तो भी कॉफी पीना कुछ स्थितियों में आपके लिए दिक्कतें बढ़ा सकता है।

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