एडिशनल डीसीपी का चार्ज लेने की विवेक भगत की मांग पर फैसला टला, महिला पत्रकार केस से जुड़ा मामला

दिल्ली सरकार ने असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) विवेक भगत को एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (Additional DCP) का करंट ड्यूटी चार्ज देने का फैसला फिलहाल टाल दिया है। विवेक भगत पर हाल ही में एक प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकार के साथ कथित यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है।

12 अधिकारियों को दिया जाना था अतिरिक्त प्रभार

दिल्ली सरकार ने सोमवार को एक आदेश जारी कर विवेक भगत समेत 12 पुलिस अधिकारियों को एडिशनल डीसीपी का करंट ड्यूटी चार्ज देने की घोषणा की थी। आदेश सामने आने के बाद इस फैसले को लेकर सवाल उठे।

सरकार ने बाद में स्पष्ट किया कि अतिरिक्त प्रभार देने की प्रक्रिया 25 अगस्त को ही शुरू हो गई थी। पांच अक्तूबर को आवश्यक प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद आदेश जारी किया गया था। सरकार के मुताबिक, यह प्रक्रिया हालिया घटनाक्रम से पहले शुरू हुई थी।

करंट ड्यूटी चार्ज का क्या मतलब है?

सरकार ने बताया कि करंट ड्यूटी चार्ज एक अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था है। इससे संबंधित अधिकारी को कोई अतिरिक्त आर्थिक लाभ नहीं मिलता और उन्हें नियमित पद पर तैनात अधिकारी की सभी वैधानिक शक्तियां भी हासिल नहीं होती हैं।

विवेक भगत ने खुद किया था अनुरोध

सरकार के अनुसार, विवेक भगत ने स्वयं अनुरोध किया कि महिला पत्रकार के कथित यौन उत्पीड़न मामले की निष्पक्ष जांच पूरी होने तक उन्हें अतिरिक्त प्रभार न दिया जाए। उनके अनुरोध के बाद सरकार ने उनके संबंध में पहले जारी आदेश में बदलाव करने का फैसला किया है।

सरकार अब बाकी 11 अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार देने के लिए संशोधित आदेश जारी करेगी।

क्या है पूरा मामला?

तीन अक्तूबर को जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर कथित यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।

इन शिकायतों को आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है। मामले की जांच जारी है।

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