फैशन के चक्कर में न करें लापरवाही, जैल मेनीक्योर से जुड़े जोखिम और बचाव के तरीके

खूबसूरत और चमकदार नाखूनों के लिए जैल मेनीक्योर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रक्रिया स्वास्थ्य के लिए कुछ जोखिम भी पैदा कर सकती है। जैल मेनीक्योर के दौरान इस्तेमाल होने वाली UV लाइट और कुछ केमिकल्स नाखूनों व त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
साल 2023 में प्रकाशित एक रिसर्च में पाया गया कि UV नेल लैम्प के संपर्क में आने से मानव कोशिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे स्किन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। वहीं 2024 में प्रकाशित एक अन्य अध्ययन में भी UV किरणों से DNA डैमेज और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का जोखिम सामने आया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, बार-बार जैल मेनीक्योर कराने से नाखून कमजोर, पतले और रूखे हो सकते हैं। पॉलिश हटाने के लिए इस्तेमाल होने वाला एसीटोन नाखूनों की प्राकृतिक नमी को कम कर देता है। इसके अलावा फंगल इन्फेक्शन, एलर्जी, खुजली, जलन और नाखूनों के रंग में बदलाव जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों के नाखून पहले से कमजोर हैं, जिन्हें फंगल इन्फेक्शन या स्किन एलर्जी की समस्या रहती है, उन्हें जैल मेनीक्योर से बचना चाहिए।
विशेषज्ञ UV एक्सपोजर कम करने के लिए हाथों पर सनस्क्रीन लगाने, फिंगरलेस ग्लव्स पहनने और जैल मेनीक्योर को सिर्फ खास मौकों तक सीमित रखने की सलाह देते हैं। यदि मेनीक्योर के बाद जलन, सूजन, दर्द या रंग बदलने जैसी समस्या दिखे तो तुरंत त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
नाखूनों को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, प्रोटीन, आयरन, बायोटिन और विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन फायदेमंद माना जाता है।





