भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं कैंसर के मामले, लाइफस्टाइल और पर्यावरण बने बड़ी वजह।

हर साल 4 फरवरी को दुनियाभर में विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इससे बचाव के लिए ठोस कदम उठाने को प्रोत्साहित करना है। आज के समय में कैंसर का नाम सुनते ही लोगों के मन में डर बैठ जाता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि रोजमर्रा की कुछ गलत आदतें अनजाने में इस बीमारी के खतरे को बढ़ा रही हैं।

भारत के लिए यह दिन और भी अहम हो जाता है, क्योंकि हालिया आंकड़े देश में कैंसर के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी की ओर इशारा कर रहे हैं। अनुमान है कि 2026 तक भारत में कैंसर के नए मामलों की संख्या 15 लाख से ज्यादा हो सकती है। इसके पीछे सिर्फ उम्र बढ़ना ही नहीं, बल्कि आधुनिक जीवनशैली और पर्यावरण से जुड़े कई बड़े कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं।

तंबाकू और शराब सबसे बड़ा खतरा

भारत में कैंसर के बढ़ते मामलों का सबसे बड़ा कारण तंबाकू का सेवन है। विशेषज्ञों के मुताबिक, पुरुषों में होने वाले लगभग 50 प्रतिशत और महिलाओं में करीब 20 प्रतिशत कैंसर तंबाकू (धूम्रपान और चबाने वाले तंबाकू) से जुड़े हैं। वहीं शराब का सेवन लिवर, गले और ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है। तंबाकू और शराब का एक साथ सेवन शरीर की कोशिकाओं को तेजी से नुकसान पहुंचाता है।

खराब खान-पान और गतिहीन जीवनशैली

शहरीकरण के साथ लोगों की डाइट में प्रोसेस्ड फूड, अधिक चीनी और हानिकारक फैट्स की मात्रा बढ़ी है। लंबे समय तक बैठकर काम करना और व्यायाम की कमी मोटापे को जन्म देती है, जो कई तरह के कैंसर का बड़ा जोखिम कारक है। शरीर में जमा अतिरिक्त फैट हार्मोनल असंतुलन और सूजन पैदा करता है, जो कैंसर कोशिकाओं के विकास में मदद करता है।

पर्यावरण प्रदूषण और मिलावटी भोजन

हवा में मौजूद PM 2.5 जैसे सूक्ष्म कण अब फेफड़ों के कैंसर के लिए धूम्रपान जितने ही खतरनाक माने जा रहे हैं। इसके अलावा भोजन में कीटनाशकों और रासायनिक रंगों की मिलावट डीएनए को नुकसान पहुंचाती है। ग्रामीण इलाकों में साफ पानी की कमी और कीटनाशकों के असुरक्षित इस्तेमाल से पेट और किडनी कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं।

आम लोग कैसे बचाव करें?

कैंसर के बढ़ते आंकड़े डराने वाले जरूर हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि कई कैंसर मामलों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर रोका जा सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि तंबाकू और शराब से दूरी बनाए रखें, संतुलित आहार लें, नियमित व्यायाम करें और प्रदूषण से बचाव के उपाय अपनाएं। साथ ही, लक्षणों का इंतजार किए बिना समय-समय पर हेल्थ चेकअप और स्क्रीनिंग कराना बेहद जरूरी है।

डॉक्टरों का कहना है कि कैंसर की शुरुआती स्टेज में पहचान होने पर इलाज की सफलता दर काफी ज्यादा होती है। सही जानकारी, जागरूकता और समय पर जांच ही इस घातक बीमारी से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है।

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