जियाउल हक हत्याकांड: राजा भैया समेत पांच को राहत, CBI की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार; विधायक ने कही ये बात

सीओ जियाउल हक हत्याकांड में कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को सीबीआई कोर्ट से राहत मिली है। लखनऊ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने राजा भैया समेत पांच लोगों के खिलाफ चल रही कार्यवाही को पर्याप्त आधार नहीं होने के चलते समाप्त कर दिया। दिवंगत सीओ की पत्नी ने इससे पहले सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट का विरोध करते हुए मामले में आरोपियों की भूमिका की दोबारा जांच की मांग की थी।

पांच लोगों के खिलाफ कार्यवाही समाप्त

विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा सिंह की अदालत ने राजा भैया के अलावा उनके मीडिया प्रभारी हरिओम श्रीवास्तव, सपा नेता गुलशन यादव, गुड्डू सिंह और रोहित सिंह के खिलाफ आगे की कार्यवाही समाप्त कर दी।

अदालत के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त आधार नहीं मिला। खबर के मुताबिक, दिवंगत सीओ की पत्नी परवीन आजाद अदालत में ऐसा लिखित या मौखिक साक्ष्य पेश नहीं कर सकीं, जिससे आरोपियों के खिलाफ आरोप सिद्ध हो सकें।

2013 में हुई थी सीओ जियाउल हक की हत्या

प्रतापगढ़ के हथिगवां थाना क्षेत्र के बलीपुर गांव में दो मार्च 2013 को ग्राम प्रधान नन्हे यादव की हत्या के बाद तत्कालीन सीओ जियाउल हक मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

इस मामले में लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत ने नौ अक्तूबर 2024 को 10 आरोपियों को दोषी ठहराया था। अदालत ने सभी को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई थी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दोबारा हुई जांच

जियाउल हक की पत्नी ने पहले दाखिल की गई सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट का विरोध किया था। उन्होंने राजा भैया समेत अन्य नामजद लोगों की भूमिका की दोबारा जांच की मांग की थी। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने अक्तूबर 2023 में मामले की दोबारा जांच शुरू की। जांच में राजा भैया की भूमिका को भी दोबारा खंगाला गया। इसके बाद सीबीआई ने दिसंबर 2023 में फिर से क्लोजर रिपोर्ट अदालत में दाखिल की थी।

राजा भैया बोले- सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं

सीबीआई कोर्ट के फैसले के बाद राजा भैया ने कहा, “सत्य परेशान हो सकता है लेकिन कभी पराजित नहीं हो सकता।”

जनसत्ता दल के नेता दिनेश तिवारी के अनुसार, अदालत के फैसले के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में खुशी का माहौल है।

वहीं, पार्टी के स्थानीय नेताओं और समर्थकों ने भी फैसले के बाद खुशी जताई और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी।

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