यूपी में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक, टोल राजस्व को लगा बड़ा झटका

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर फिलहाल भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध जारी रहेगा। आईआईटी खड़गपुर की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर आगे का फैसला लिया जाएगा। इससे पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत पूरी होने के बाद भारी वाहनों के प्रवेश पर लगी रोक हटा दी जाएगी।

18 करोड़ रुपये के टोल का नुकसान

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर छह अगस्त से टोल वसूली स्थगित है। एनएचएआई के आकलन के मुताबिक, प्रतिदिन करीब 42 लाख रुपये की टोल वसूली होती थी। ऐसे में पिछले 41 दिनों में करीब 18 करोड़ रुपये के टोल राजस्व का नुकसान हो चुका है।

एनएचएआई के अनुसार, टोल राजस्व में हुए नुकसान की भरपाई निर्माणदायी एजेंसी पीएनसी से की जाएगी।

क्षतिग्रस्त हिस्से की स्लैब तोड़ने का काम शुरू

लखनऊ-कानपुर एलिवेटेड रोड के उस हिस्से की पुरानी स्लैब को तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है, जहां से बीते रविवार रात कंक्रीट और मलबा टूटकर कानपुर रोड पर गिरा था। शुक्रवार सुबह प्रभावित हिस्से की ऊपरी स्लैब को हटाने का काम शुरू किया गया।

काम के दौरान सुरक्षा के लिए प्रभावित लेन के चारों ओर करीब 15 फीट ऊंची टीन की चादरों से घेरा बनाया गया है। निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली मशीनों और अन्य वाहनों को भी सुरक्षा घेरे के बाहर रखा गया है।

नीचे सड़क पर मलबा गिरने से रोकने के लिए एलिवेटेड रोड के निचले हिस्से में मजबूत लोहे के एंगल लगाए गए हैं। इनके ऊपर टीन की चादरें बिछाई गई हैं और चारों ओर हरे रंग का सुरक्षा जाल लगाया गया है।

फिलहाल भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक के साथ एक्सप्रेसवे के क्षतिग्रस्त हिस्से की जांच और मरम्मत का काम जारी है। आईआईटी खड़गपुर की रिपोर्ट के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

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