टेस्ट क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी को लेकर उठे सवाल, इंग्लैंड के दिग्गज ने तकनीक पर दिया बड़ा बयान

भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में ही टी20 क्रिकेट में अपनी पहचान बना ली है। हालांकि, अब उनके टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने वैभव की बल्लेबाजी तकनीक पर सवाल उठाए हैं। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने उनसे अलग राय रखते हुए कहा है कि एक खिलाड़ी तीनों प्रारूपों में सफल हो सकता है।

टी20 में शानदार प्रदर्शन से बनाई पहचान

वैभव ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में उनका प्रदर्शन साधारण रहा था। उन्होंने तीन मैचों में 14, 13 और 15 रन बनाए थे।

इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव ने शानदार वापसी की। तीन मैचों में उन्होंने 151 रन बनाए, जिसमें दो अर्धशतक शामिल थे। उन्हें इस प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफेद गेंद के क्रिकेट में उनकी क्षमता की चर्चा और बढ़ी।

पनेसर ने तकनीक पर उठाए सवाल

टी20 में वैभव के प्रदर्शन के बावजूद टेस्ट क्रिकेट में उनके भविष्य को लेकर मोंटी पनेसर ने सवाल उठाए हैं। वैभव ने अभी तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लाल गेंद से क्रिकेट नहीं खेला है।

‘बियॉन्ड 23 क्रिकेट’ पॉडकास्ट पर पनेसर ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि वैभव के लिए टी20 से टेस्ट क्रिकेट में बदलाव आसान होगा। उन्होंने युवा बल्लेबाज की तकनीक को लेकर भी सवाल उठाए।

पनेसर ने कहा कि इस समय हैरी ब्रूक ऐसे खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय दोनों में शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन किया है। उनके मुताबिक, वैभव के पास फिलहाल टेस्ट क्रिकेट के लिए जरूरी तकनीक नजर नहीं आती।

माइकल क्लार्क ने दी अलग राय

माइकल क्लार्क ने पनेसर की राय से अलग बात कही। उन्होंने कहा कि कोई खिलाड़ी तीनों प्रारूपों में सफल हो सकता है। इसके लिए उन्होंने विराट कोहली और एबी डिविलियर्स का उदाहरण दिया।

क्लार्क ने कहा कि दोनों खिलाड़ी शानदार टेस्ट क्रिकेटर होने के साथ बेहतरीन टी20 क्रिकेटर भी रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वैभव जैसे मौजूदा दौर के खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट में खुद को ढालते हैं, तो इसे देखना दिलचस्प होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वैभव टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहते हैं या नहीं, यह भी महत्वपूर्ण सवाल है।

दलीप ट्रॉफी में भी दिखी लाल गेंद की क्षमता

वैभव ने हाल ही में दलीप ट्रॉफी में लाल गेंद के क्रिकेट में अपनी क्षमता की झलक दिखाई थी। ईस्ट जोन की ओर से सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने 15 साल 157 दिन की उम्र में अर्धशतक लगाया।

इस प्रदर्शन के साथ वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में अर्धशतक लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। वह शतक के करीब भी पहुंचे थे, लेकिन आठ रन से चूक गए। उनके इस प्रदर्शन के बाद टेस्ट क्रिकेट में उनकी संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज हुई।

कैसा है वैभव का रिकॉर्ड?

वैभव ने अब तक 11 प्रथम श्रेणी मैचों में 23.47 की औसत से 399 रन बनाए हैं। इसमें दो अर्धशतक शामिल हैं और उनका सर्वोच्च स्कोर 93 रन है।

लिस्ट-ए क्रिकेट में उन्होंने 13 मैचों में 43.38 की औसत और 176.80 के स्ट्राइक रेट से 564 रन बनाए हैं। इसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं।

टी20 क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड और प्रभावशाली है। 40 मैचों में उन्होंने 42.82 की औसत और 216.32 के स्ट्राइक रेट से 1,670 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने चार शतक और आठ अर्धशतक लगाए हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 144 रन है।

भारत के लिए छह टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में वैभव ने 32.16 की औसत और 189.21 के स्ट्राइक रेट से 193 रन बनाए हैं। इसमें दो अर्धशतक शामिल हैं और उनका सर्वोच्च स्कोर 81 रन है।

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