क्रूरता की हद: 15 दिन के मासूम को गर्म पत्थरों पर झुलसाया, जिंदगी बचाने को ऑक्सीजन पर इलाज

भीलवाड़ा में 15 दिन का बच्चा मंगलवार को बिजौलिया में सीता का कुंड मंदिर के पास सड़क से सटे जंगल में तड़पता मिला। बच्चे के पैर को गर्म पत्थरों से जलाया गया और मुंह में पत्थर ठूंसा गया, जबकि होंठ फेवीक्विक से चिपकाए गए। संक्रमण फैलने के कारण बच्चा ऑक्सीजन सपोर्ट पर है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

मुख्य घटनाक्रम:

  • बच्चा चरवाहे हीरा लाल तेली ने पत्थरों के ढेर में तड़पता पाया और तुरंत आसपास के लोगों को बुलाया।
  • मुंह से पत्थर निकालने और प्राथमिक उपचार के बाद बच्चा भीलवाड़ा जिला हॉस्पिटल में भर्ती किया गया।
  • शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. इंदिरा सिंह ने बताया कि संक्रमण बच्चे की पूरी बॉडी में फैल चुका है और उसकी हालत नाजुक है।
  • मांडलगढ़ और बिजौलिया अस्पतालों में बीते 15 दिनों में हुई डिलीवरी के रिकॉर्ड और आसपास के सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने खंगाले। घटनास्थल के आस-पास की मोबाइल डिटेल भी जुटाई जा रही है।
  • प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बच्चे के मुंह में पत्थर ठूंसा और होंठ फेवीक्विक से चिपकाए हुए थे। जैसे ही पत्थर निकाला गया, बच्चा जोर-जोर से रोने लगा।

प्रत्यक्षदर्शी की कहानी:
चरवाहे हीरा लाल ने बताया कि वह बकरियां चराते समय बच्चे की सिसकियों की आवाज सुनकर चौंक गया। उसने पास के लोगों को बुलाया और पत्थरों को धीरे-धीरे हटाकर बच्चे को बाहर निकाला। बच्चे के मुंह से पत्थर निकालने के बाद वह जोर-जोर से रोने लगा। फेवीक्विक का खाली रैपर भी वहीं मिला।

स्थिति:
मासूम फिलहाल ऑक्सीजन सपोर्ट पर है और डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। मामले की रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई है और पुलिस जांच जारी है।

Related Articles

Back to top button