एसएंडपी का भरोसा: मजबूत ग्रोथ के दम पर वित्तीय घाटा काबू में रहेगा

सितंबर 2025 में जीएसटी दरों में हुए बड़े बदलावों के बाद बाजार में यह आशंका थी कि सरकारी खजाने पर दबाव पड़ेगा। लेकिन ग्लोबल रेटिंग एजेंसी S&P Global Ratings ने इन चिंताओं को सिरे से नकार दिया है। एजेंसी ने कहा है कि भारत न केवल अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखेगा, बल्कि वित्तीय घाटे के तय लक्ष्यों को भी आसानी से हासिल करेगा। एसएंडपी की यह रिपोर्ट आम लोगों और निवेशकों—दोनों के लिए राहत भरी है।

रिपोर्ट की 4 बड़ी बातें

1. वित्तीय अनुशासन पर सरकार खरी उतरेगी
एसएंडपी का अनुमान है कि भारत सरकार FY27 के लिए 4.3% के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पूरा कर लेगी। FY26 के लिए 4.4% और FY27 के लिए 4.3% का लक्ष्य रखा गया है। एजेंसी के मुताबिक, बजट में खर्च और विकास के बीच संतुलन मजबूत है।

2. जीएसटी घटने का डर बेबुनियाद, खपत से बढ़ेगी कमाई
सितंबर 2025 में जीएसटी दरों को युक्तिसंगत करने से अल्पकालिक कलेक्शन घटने की आशंका थी। लेकिन एसएंडपी का कहना है कि टैक्स घटने से कीमतें कम होंगी, जिससे मिडिल क्लास की खपत बढ़ेगी। बेहतर टैक्स दक्षता और Reserve Bank of India से मिलने वाला डिविडेंड भी राजस्व को सहारा देगा।

3. जीडीपी ग्रोथ 7% के करीब रहने का अनुमान

FY27: 6.7%

FY28: करीब 7%
रिपोर्ट के मुताबिक, अब ग्रोथ केवल निवेश नहीं बल्कि खपत आधारित भी होगी, क्योंकि टैक्स कटौतियों से लोगों के हाथ में खर्च करने के लिए ज्यादा पैसा बचेगा।

4. अमेरिकी टैरिफ से निपटने की रणनीति, कर्ज घटाने का रोडमैप
अमेरिकी टैरिफ के असर से निपटने के लिए भारत ने निवेश आधारित ग्रोथ पर जोर दिया है। बजट में पूंजीगत खर्च को जीडीपी के 5.1% से बढ़ाकर 5.6% किया गया है।

लक्ष्य: FY31 तक केंद्र का कर्ज जीडीपी के 49–51% पर लाना।

अमेरिका से संभावित व्यापार समझौते से लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स को बड़ा फायदा मिल सकता है।

निष्कर्ष:
एसएंडपी के मुताबिक, जीएसटी में बदलाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ट्रैक पर है और सरकार वित्तीय घाटे के लक्ष्यों को पूरा करने में सक्षम रहेगी।

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