शेयर बाजार में निवेशकों की सुरक्षा होगी प्राथमिकता, SEBI प्रमुख ने कारोबार आसान बनाने पर दिया जोर

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने देश के पूंजी बाजार को अधिक सुलभ, कुशल और मजबूत बनाने पर जोर दिया है। सेबी अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने शनिवार को कहा कि नियामक की प्राथमिकताओं में पूंजी निर्माण को आसान बनाना, कारोबार में सुगमता बढ़ाना और निवेशकों के हितों की रक्षा करना शामिल है। उन्होंने कहा कि मजबूत पूंजी बाजार देश की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स के इन्वेस्टर्स फोरम में बोलते हुए पांडे ने कहा कि पूंजी बाजार का उद्देश्य बचत को उत्पादक निवेश से जोड़ना है। इससे कंपनियों को कारोबार के विस्तार के लिए पूंजी जुटाने में मदद मिलती है, वहीं निवेशकों को आर्थिक विकास में भागीदारी का अवसर मिलता है।

पिछले दशक में तेजी से बढ़ा पूंजी बाजार

सेबी अध्यक्ष के मुताबिक, पिछले दशक में भारतीय पूंजी बाजार के बाजार पूंजीकरण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कंपनियों ने इक्विटी और ऋण प्रतिभूतियां जारी करके सालाना औसतन 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी जुटाई है।

पांडे ने कहा कि विश्वस्तरीय पूंजी बाजार सामान्य परिस्थितियों में कुशल होने के साथ-साथ आर्थिक दबाव के समय भी मजबूत बने रहने चाहिए। इसके लिए बाजार की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना और निवेशकों का भरोसा कायम रखना जरूरी है।

पश्चिम बंगाल में बढ़ी निवेशकों की भागीदारी

पश्चिम बंगाल में भी प्रतिभूति बाजार से जुड़ने वाले निवेशकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2015 में राज्य में प्रतिभूति बाजार के निवेशकों की संख्या करीब 12 लाख थी, जो अब बढ़कर 90 लाख से अधिक हो गई है।

इनमें लगभग 36 प्रतिशत निवेशक 30 वर्ष से कम उम्र के हैं। यह आंकड़ा युवा वर्ग की निवेश बाजार में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।

निवेशकों की सुरक्षा से समझौता नहीं

सेबी अध्यक्ष ने निवेशकों की सुरक्षा को नियामक की अहम प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि जागरूक और जानकारी रखने वाला निवेशक खुद को जोखिम से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके लिए वित्तीय शिक्षा और निवेश संबंधी जागरूकता जरूरी है।

सेबी का प्रयास है कि निवेशकों को बाजार से जुड़ी सही जानकारी मिले और वे सोच-समझकर निवेश के फैसले ले सकें। नियामक का मानना है कि निवेशकों की सुरक्षा और पूंजी बाजार के विकास को साथ लेकर चलना जरूरी है।

कंपनियों के लिए पूंजी जुटाने की प्रक्रिया होगी आसान

सेबी ने कंपनियों के लिए पूंजी जुटाने की प्रक्रिया को सरल और कम खर्चीला बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना और राइट्स इश्यू की समय-सीमा कम करना शामिल है।

इसके अलावा, बड़े निर्गमकर्ताओं के लिए लिस्टिंग संबंधी आवश्यकताओं को तर्कसंगत बनाया गया है। निर्धारित शर्तों के तहत लिस्टिंग के बाद कुछ कर्मचारी स्टॉक विकल्पों की अनुमति दी गई है। सार्वजनिक निर्गमों की लिस्टिंग की समय-सीमा घटाने और कम अंकित मूल्य वाली ऋण प्रतिभूतियों को सक्षम बनाने जैसे कदम भी उठाए गए हैं।

पात्र जारीकर्ताओं के लिए निजी प्लेसमेंट के दौरान अनिवार्य मर्चेंट बैंकिंग संबंधी कुछ आवश्यकताओं में भी ढील दी गई है।

पश्चिम बंगाल की कंपनियों ने जुटाए 1,400 करोड़ रुपये से अधिक

आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की 379 सूचीबद्ध कंपनियों के पंजीकृत कार्यालय राज्य में हैं। वहीं, राज्य के 40 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) ने एसएमई आईपीओ के माध्यम से 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी जुटाई है।

सेबी की पहल का उद्देश्य छोटे और बड़े कारोबारों को पूंजी बाजार तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराना है। इससे कंपनियों को विस्तार के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने और निवेशकों को नए निवेश अवसर मिलने में मदद मिल सकती है।

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