बिजनेस न्यूज: WhatsApp पर मिलेगी PF बैलेंस की जानकारी, गोल्डमैन सैश ने बताया भारत के आर्थिक लक्ष्य का हाल

कारोबार और वित्तीय जगत से जुड़ी दो अहम खबरें सामने आई हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के खाताधारकों को अब WhatsApp के जरिए पीएफ बैलेंस और पासबुक की जानकारी मिल सकेगी। वहीं, वित्तीय सेवा कंपनी गोल्डमैन सैश रिसर्च ने अनुमान जताया है कि भारत सरकार वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य हासिल कर सकती है। मजबूत कॉरपोरेट टैक्स संग्रह से सरकार को राहत मिलने की उम्मीद है।
WhatsApp पर मिलेंगी EPFO की सेवाएं
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के खाताधारकों के लिए पीएफ से जुड़ी सेवाएं अब और आसान हो गई हैं। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को EPFO की WhatsApp सेवाओं की शुरुआत की।
इस सुविधा के माध्यम से कर्मचारी अपने पीएफ खाते से जुड़ी कई अहम जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे। इनमें पीएफ खाते में उपलब्ध राशि, पिछले पांच लेनदेन और पासबुक से संबंधित जानकारी शामिल है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना से जुड़ी जरूरतों के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों को सुविधाजनक तरीके से सेवाएं उपलब्ध कराना और छोटी-छोटी जानकारियों के लिए EPFO कार्यालय जाने की जरूरत कम करना है।
राजकोषीय घाटे का लक्ष्य हासिल कर सकता है भारत
गोल्डमैन सैश रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार वित्त वर्ष 2026-27 में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 4.3 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे का लक्ष्य हासिल कर सकती है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि वित्त वर्ष की पहली छमाही में राजकोषीय घाटा पूरे साल के अनुमानित लक्ष्य के 42.6 प्रतिशत तक पहुंच गया था। हालांकि, मजबूत कॉरपोरेट टैक्स संग्रह से सरकार को राजस्व के मोर्चे पर राहत मिल रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, सरकार खर्चों को प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्थित करके निर्धारित लक्ष्य तक पहुंच सकती है।
कॉरपोरेट टैक्स संग्रह में मजबूत बढ़ोतरी
सरकारी वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में प्रत्यक्ष कर संग्रह में सालाना आधार पर 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान कॉरपोरेट टैक्स प्राप्तियों में 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
वित्त वर्ष में अब तक कॉरपोरेट टैक्स राजस्व में सालाना आधार पर लगभग 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। टैक्स संग्रह में यह मजबूती सरकार की वित्तीय स्थिति को सहारा दे सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर में सरकार की वित्तीय स्थिति संतुलित रही, जबकि अगस्त में 2.6 लाख करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया गया था।
ऊर्जा कीमतें और सब्सिडी बन सकती हैं चुनौती
गोल्डमैन सैश ने राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को लेकर सकारात्मक अनुमान जताया है, लेकिन कुछ जोखिमों की ओर भी ध्यान दिलाया है।
रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा की ऊंची कीमतें और उर्वरक सब्सिडी में संभावित बढ़ोतरी सरकार के लिए चुनौती बन सकती हैं। इन कारणों से सरकारी खर्च पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
ऐसे में राजकोषीय घाटे के निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार को राजस्व और खर्च के बीच संतुलन बनाए रखना होगा।
निष्कर्ष: EPFO की WhatsApp सेवाओं से कर्मचारियों को पीएफ संबंधी जानकारी प्राप्त करना आसान होगा। वहीं, गोल्डमैन सैश के अनुमान के अनुसार, मजबूत कॉरपोरेट टैक्स संग्रह और खर्चों के बेहतर प्रबंधन से भारत वित्त वर्ष 2026-27 के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल कर सकता है। हालांकि, ऊर्जा कीमतों और सब्सिडी से जुड़े जोखिमों पर नजर रखना जरूरी होगा।





