वाराणसी में चांदी की पायल और बिछिया ज्यादा बिक रही, ये है कारण; रोज 1500 किलो चांदी की खपत

रक्षाबंधन और अन्य त्योहारों के नजदीक आते ही सराफा बाजार में रौनक लौट आई है। इस रक्षाबंधन लोग चांदी के बने महिलाओं के गहने खूब खरीद रहे हैं। इसके अलावा निवेशक चांदी की बटिया में रूचि दिखा रहे हैं।
जिले के रेशम कटरा, ठठेरी बाजार, सुड़िया, गोविंदपुरा स्थित सराफा बाजार में प्रतिदिन 200 किग्रा चांदी के बटिया की खपत हो रही है। जबकि 1500 किग्रा रोजाना चांदी के आभूषणों की खपत हो रही है। इन आभूषणों में महिलाओं के पायल और बिछिया की डिमांड सबसे अधिक है। पहले चांदी की बटिया की खपत 150 किग्रा प्रतिदिन थी, जबकि एक साल में यह बढ़कर 200 ग्राम तक आ पहुंची।
व्यापारियों का कहना है कि रक्षाबंधन और अन्य त्योहारों के कारण महिलाओं के गहनों की खपत में तेजी आई है। निवेशक भी सोने के बाद चांदी को सबसे सुरक्षित मान रहे हैं। काशी सराफा मंडल के अध्यक्ष रवि सराफ ने बताया कि उनके यहां 20 ग्राम से 300 ग्राम वजन तक के पायल मौजूद हैं। जिनकी कीमत 1500 रुपये से 20 हजार रुपये तक है। इसके अलावा चांदी की बिछिया 2 ग्राम प्रति जोड़े से लेकर 10 ग्राम प्रति जोड़े वजन के हैं। ग्राहकों को अलग-अलग डिजाइन के पायल और बिछिया भा रहे हैं।





