ट्रंप के टैरिफ से सोने-चांदी की कीमतों में उछाल; सोना 3600 रुपये उछलकर रिकॉर्ड स्तर पहुंचा

टैरिफ संबंधी चिंताओं के चलते निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के विकल्प की ओर रुख किया। इससे सोने-चांदी की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला। गुरुवार को राजधानी दिल्ली में सोने की कीमत 3,600 रुपये की तेजी के साथ 1,02,620 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गयी। 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 3,600 रुपये की तेजी के साथ 1,02,200 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमत भी 1,500 रुपये बढ़कर 1,14,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) हो गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने इसकी पुष्टि की है।

व्यापार चिंताओं के कारण बढ़ी कीमतें
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (कमोडिटीज) सौमिल गांधी ने कहा कि सोने की कीमतें गुरुवार को साप्ताहिक सीमा के ऊपरी छोर तक पहुंच गईं। यह नए सिरे से व्यापार चिंताओं के कारण बढ़ी हैं, जिससे पारंपरिक सुरक्षित-आश्रय परिसंपत्तियों की मांग बढ़ गई है। इसके अलावा अमेरिकी प्रशासन ने भारतीय आयात पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगा दिया है, जिससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार तनाव बढ़ गया है।

एमसीएक्स पर बढ़ी कीमतें
एमसीएक्स पर अक्टूबर अनुबंधों के लिए सबसे अधिक कारोबार वाली कीमती धातु वायदा कीमत दिन के दौरान 893 रुपये या 0.88 प्रतिशत बढ़कर 1,02,155 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए उच्च स्तर पर पहुंच गई। इसके बाद दिसंबर अनुबंधों की कीमत 880 रुपये या 0.86 प्रतिशत बढ़कर 1,03,047 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई।
इसके अलावा, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सितंबर डिलीवरी वाले चांदी अनुबंध की कीमत 1,503 रुपये या 1.32 प्रतिशत बढ़कर 1,15,158 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इस बीच, न्यूयॉर्क में सोना हाजिर 9.76 डॉलर या 0.29 प्रतिशत बढ़कर 3,379.15 डॉलर प्रति औंस हो गया।

वैश्विक बाजार में बढ़ी सोने-चांदी की कीमतें
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 3,375 डॉलर के स्तर से ऊपर स्थिर रही, जिसे डॉलर सूचकांक के 98 से नीचे कमजोर होने से समर्थन मिला। विदेशी बाजार में हाजिर चांदी 1.37 प्रतिशत बढ़कर 38.34 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।

निवेशकों की हैं इन पर नजर
एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी के उपाध्यक्ष शोध विश्लेषक जतीन त्रिवेदी ने कहा कि इस सप्ताह सीमित प्रभावशाली आंकड़े आने के साथ ही वैश्विक व्यापार शुल्क और रूस पर नए प्रतिबंधों पर ध्यान केंद्रित रहेगा। दोनों ही सोने की कीमतों में तेजी लाने में योगदान दे रहे हैं।

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