भरतपुर में सड़क निर्माण की खुली पोल: पैदल चलते ही हाथों से उखड़ने लगा डामर

भरतपुर जिले के कसौदा गांव में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कसौदा से सह गांव तक बनाई जा रही करीब 3 किलोमीटर लंबी डामर सड़क दो दिन पहले ही बनी थी, लेकिन पैदल चलते ही सड़क का डामर उखड़ने लगा। ग्रामीणों का आरोप है कि कई जगह केवल गिट्टी डालकर सड़क बना दी गई है और पैरों से रगड़ते ही गिट्टी बाहर निकल रही है।
ग्रामीण सौरभ ने बताया कि गुरुवार सुबह गांव के लोग वॉक पर निकले तो चलते समय सड़क उखड़ने लगी। इसके बाद जब हाथ से सड़क को हटाने की कोशिश की गई तो डामर आसानी से निकल आया। लोगों का कहना है कि करीब 1 किलोमीटर सड़क का काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष 2 किलोमीटर पर काम अभी जारी है। बावजूद इसके बनी सड़क की हालत बेहद खराब है और जगह-जगह गड्ढे भी नजर आ रहे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने ठेकेदार के साथियों से घटिया काम की शिकायत की तो उन्हें धमकाया गया और कहा गया कि “ज्यादा नेतागिरी मत करो।” धमकियों के डर से लोग मौके से लौट आए।
मामले में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन एईएन भूपेंद्र सिंह ने फोन नहीं उठाया। वहीं जेईएन सोरन सिंह ने सड़क के बारे में जानकारी होने से इनकार कर दिया। इस संबंध में डीग कलेक्टर उत्सव कौशल ने कहा कि मामले की जांच करवाई जाएगी और पीडब्ल्यूडी विभाग से जवाब मांगा जाएगा।





