राजस्थान में लेपर्ड का हमला, चार वनकर्मी घायल; कंधों पर उठाकर बाहर लाए गए

राजसमंद जिले के नेगडियां गांव में शुक्रवार सुबह लेपर्ड रेस्क्यू के दौरान वन विभाग की टीम पर तेंदुए ने हमला कर दिया। इस हादसे में चार वनकर्मी घायल हो गए। साथियों ने उन्हें कंधों पर उठाकर गाड़ियों तक पहुंचाया और अस्पताल में भर्ती कराया। हमले के लगभग आधे घंटे बाद लेपर्ड भी खेत में मरा हुआ मिला।

रेस्क्यू ऑपरेशन रात से जारी था
गुरुवार रात गोमती-उदयपुर हाईवे पर घायल लेपर्ड दिखाई देने की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अंधेरा अधिक होने से उसे ट्रेंकुलाइज नहीं किया जा सका और वह खेतों की ओर भाग गया। रात 2 बजे तक रेस्क्यू चलता रहा, लेकिन सफलता नहीं मिली। टीम रातभर वहीं रुकी।

सुबह फिर दिखा लेपर्ड, जाल लेकर पहुंचे वनकर्मी
शुक्रवार सुबह लगभग 8:30 बजे दोबारा सर्च शुरू हुई। लेपर्ड झाड़ियों में छिपा था और घायल होने के कारण टीम ने उसे जाल से पकड़ने का फैसला किया। वनकर्मी पन्नालाल, हरीश लोहार, घनश्याम पूर्बिया और गिरधारी लाल जाल लेकर आगे बढ़े।

इस दौरान लेपर्ड ने पहले दो बार हमला करने की कोशिश की और तीसरी बार अचानक पीछे से झपट पड़ा। चारों वनकर्मी घायल हो गए। उन्हें तुरंत कंधों पर उठाकर गाड़ियों तक पहुंचाया गया और अनंता मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीन वनकर्मियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि गिरधारी का इलाज जारी है।

आधे घंटे बाद मिला मृत लेपर्ड
घटना के लगभग 30 मिनट बाद टीम जब दोबारा खेत में पहुंची तो लेपर्ड मृत पाया गया। रेंजर लादूलाल शर्मा के अनुसार लेपर्ड की उम्र करीब 7 साल थी। पोस्टमॉर्टम के लिए शव को नाथद्वारा स्थित लिलेरा नर्सरी भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर मौत का कारण स्पष्ट होगा।

प्रारंभिक आशंका है कि लेपर्ड किसी बड़े वाहन की चपेट में आया हो सकता है, क्योंकि रेस्क्यू के समय उसे चलने में परेशानी हो रही थी।

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