जैसलमेर अग्निकांड: पुणे एजेंसी करेगी तकनीकी जांच, बस बॉडी निर्माताओं की होगी सख्त जांच

जैसलमेर बस अग्निकांड की तकनीकी जांच अब सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट (CIRT), पुणे की टीम करेगी। यह टीम जल्द ही घटनास्थल पहुंचकर हादसे की तकनीकी वजहों, लापरवाही और जिम्मेदारी से जुड़े बिंदुओं की पड़ताल करेगी और राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
हादसे के बाद एक्शन में आए परिवहन विभाग ने जयपुर से 5 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) भेजी थी, जिसका नेतृत्व जॉइंट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ओ.पी. बुनकर कर रहे हैं। टीम ने बस यार्ड और घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे के कारणों की तकनीकी जांच की।
बुनकर ने बताया कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए बस बॉडी बनाने वाली कंपनियों की जांच की जाएगी। इस उद्देश्य से एक मॉनिटरिंग कमेटी गठित की गई है, जो बस बॉडी निर्माण वर्कशॉप्स और फैक्ट्रियों का निरीक्षण करेगी।
टीम ने जैसलमेर में 5 निजी AC बसों को जब्त किया है, जो नियमों का पालन नहीं कर रही थीं। बुनकर ने बताया कि राज्य में पंजीकृत 3200 AC बसों में से 1400 की जांच पूरी हो चुकी है, जिनमें से 162 बसें नियम उल्लंघन पर जब्त की गई हैं।
हादसे में जली बस की जांच में कई गंभीर तकनीकी खामियां मिलीं—
- इमरजेंसी गेट छोटा था और उस पर दो सीटें लगाई गई थीं।
- बस की लंबाई तय सीमा से अधिक थी।
- स्लीपर सीटें जरूरत से ज्यादा लगाई गई थीं।
- बस के पर्दे अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री के बने थे।
इन सभी बिंदुओं को विभाग अपनी रिपोर्ट में शामिल कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
जांच के दौरान केके ट्रेवल्स के यार्ड में खड़ी 66 बसों में से 35 की जांच की गई, जिनमें 10 बसों में बॉडी निर्माण से जुड़ी खामियां पाई गईं। ये सभी बसें अब विभागीय जांच के घेरे में हैं।





