ओवरलोडिंग और खराब सड़क: जैसलमेर हादसे में 20 की मौत, बचाव जारी

महीने की शुरुआत में जयपुर के एसएमएस अस्पताल में लगी आग से प्रदेश अभी उबर नहीं पाया था कि मंगलवार दोपहर जैसलमेर–जोधपुर हाईवे पर चलती निजी बस में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों यात्री गंभीर रूप से झुलस गए हैं। कई घायल अस्पतालों में इलाजरत हैं और उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रामदेवरा क्षेत्र से गुजरते समय बस में अचानक धुआं उठना शुरू हुआ। यात्रियों ने रोकने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही पलों में आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन तब तक भारी जनहानि हो चुकी थी। मृतकों में जैसलमेर के पत्रकार राजेंद्र सिंह चौहान भी शामिल हैं।

प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि बस में पटाखे रखे हुए थे, जिससे आग और भयानक हो गई। घायलों को जोधपुर के एमडीएम और महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत हृदय विदारक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने हादसे पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री और सत्ताधारी दल के प्रदेश अध्यक्ष की संवेदनशीलता पर टिप्पणी की। उन्होंने ट्वीट में कहा कि जैसलमेर के निकट बस हादसे में गंभीर रूप से झुलसे लोगों को एयरलिफ्ट कर जोधपुर या जयपुर ले जाने का विकल्प अपनाया जा सकता था, जैसा हाल ही में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की धर्मपत्नी के लिए किया गया।

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