भारत-अफगान व्यापारिक रिश्तों को मजबूती देने की पहल, प्रशासनिक अड़चनें दूर करने और वीजा आसान बनाने पर चर्चा

अफगानिस्तान ने भारत के साथ व्यापारिक और निवेश संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। अफगानिस्तान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इन्वेस्टमेंट (ACCI) ने व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने और व्यापारिक वीजा जारी करने की प्रक्रिया को आसान बनाने पर जोर दिया है।
इन्हीं मुद्दों पर ACCI के चेयरमैन सैयद करीम हाशिमी और अफगानिस्तान में भारत के राजदूत यतिन पटेल के बीच काबुल में बैठक हुई। बैठक में दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश और दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक के दौरान अफगान पक्ष ने कृषि उत्पादों, हस्तशिल्प, खनन और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही अफगान निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नए बाजारों तक पहुंच, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में सुधार और व्यापारिक वीजा प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने का प्रस्ताव रखा।
भारतीय राजदूत यतिन पटेल ने इन प्रस्तावों का स्वागत करते हुए कहा कि भारत दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि संयुक्त व्यापार प्रदर्शनी, विशेष व्यापारिक मंचों और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान की योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश और बुनियादी ढांचा विकास के क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इस दौरान भारत ने ईरान के चाबहार बंदरगाह के माध्यम से अफगानिस्तान के साथ संपर्क और व्यापार को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। पाकिस्तान के रास्ते व्यापार में आई गिरावट के बीच चाबहार मार्ग दोनों देशों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभर रहा है।





