MBBS छात्र का शव नहीं पहुंचा भारत, परिजन आज देंगे धरना

अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ उपखंड के कफनवाड़ा गांव निवासी MBBS छात्र अजीत चौधरी का शव रूस में मिलने के छह दिन बाद भी भारत नहीं लाया जा सका है। इसको लेकर परिजनों ने गहरी नाराज़गी जताई है। छात्र के चाचा राजेंद्र चौधरी ने सर्व समाज से अपील करते हुए कहा कि 12 नवंबर को दिल्ली–मुंबई सुपर एक्सप्रेस वे पर सर्व समाज के साथ धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार और दूतावास से कई बार संपर्क करने के बावजूद अब तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला है।

राजेंद्र चौधरी ने बताया कि अजीत का शव रूस में छह दिन पहले मिल चुका है, लेकिन वहां अब तक पोस्टमॉर्टम नहीं किया गया है। भारतीय दूतावास के अधिकारी भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे। उन्होंने कहा कि “हमारा बेटा 6 नवंबर को मिला, लेकिन अब तक पोस्टमॉर्टम नहीं होने से हमें शक है कि उसके साथ कुछ गलत हुआ है। हम चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए और अजीत का शव जल्द भारत लाया जाए।”

प्रेम भंडारी कर रहे मदद:
परिजनों ने बताया कि अमेरिका में रह रहे सामाजिक कार्यकर्ता प्रेम भंडारी लगातार भारतीय दूतावास से संपर्क कर रहे हैं और शव लाने में सहयोग कर रहे हैं। लेकिन दूतावास की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि पोस्टमॉर्टम में इतनी देरी क्यों की जा रही है। परिवार को आशंका है कि जानबूझकर देरी कर सबूतों को दबाने की कोशिश हो रही है।

19 अक्टूबर से लापता था छात्र:
अजीत चौधरी रूस के ऊफा शहर स्थित बश्किर स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (Bashkir State Medical University) में थर्ड ईयर का छात्र था। वह 19 अक्टूबर को लापता हुआ था। 20 अक्टूबर को उसके कपड़े कॉलेज कैंपस से करीब तीन किलोमीटर दूर नदी किनारे मिले थे। 6 नवंबर को पास के बांध में उसका शव बरामद किया गया।

परिवार का आरोप है कि अजीत को कॉलेज के ही एक छात्र ने पहले धमकी दी थी, जिसका हथियारों के साथ फोटो भी सामने आया था। ऐसे में परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच और शव को जल्द भारत लाने की मांग की है।

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