पहाड़ों ने ओढ़ी बर्फ की चादर, हेमकुंड साहिब और यमुनोत्री में मौसम ने बदली करवट

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ली। बारिश के बीच हेमकुंड साहिब और यमुनोत्री के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच धामों में ठंड बढ़ गई है। मौसम खराब होने के बावजूद यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
यमुनोत्री के ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात
यमुनोत्री धाम और यमुना घाटी में शनिवार सुबह से बारिश हो रही है। धाम के आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। टॉप, सप्त ऋषि कुंड, बंदरपूंछ और गरुड़ गंगा क्षेत्र में भी हिमपात की सूचना है।
बारिश और बर्फबारी के कारण यमुनोत्री धाम में ठंड बढ़ गई है। मंदिर के पुजारी गिरीश उनियाल के मुताबिक, मौसम बदलने के बाद तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है।
हेमकुंड साहिब में आधा फीट से ज्यादा बर्फ
हेमकुंड साहिब क्षेत्र में भी बर्फबारी हुई है। यहां आधा फीट से अधिक बर्फ जमने की सूचना है। श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही के लिए पुलिस और एसडीआरएफ के जवान मौके पर तैनात हैं। जवान यात्रियों की आवाजाही में मदद कर रहे हैं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जा रही है।
रेड अलर्ट के चलते यात्रा पर रोक
मौसम विभाग के रेड अलर्ट को देखते हुए उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर हीना और डोबाटा होल्डिंग प्वाइंट पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा सुचारू बताई गई है।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र और स्मार्ट कंट्रोल रूम को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन बारिश, भूस्खलन और सड़क मार्ग की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की लाइव CCTV से भी निगरानी की जा रही है।
24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश
भारी बारिश के रेड अलर्ट के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और संभावित आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव की तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा है।
प्रशासन ने सभी तहसीलों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल देने के निर्देश दिए हैं। मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में उन्हें जल्द से जल्द खोलने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।





