बसपा-सपा गठबंधन टूटने के आरोप पर अखिलेश का पलटवार, बोले- साथ लिया तो पूरी ईमानदारी से निभाया

राजधानी दिल्ली के निहाल विहार स्थित लक्ष्मी पार्क इलाके में 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय गुप्ता की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मृतक के परिजनों ने इस वारदात को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि यह कोई अचानक हुआ विवाद नहीं था, बल्कि विनय की हत्या के लिए पहले से साजिश रची गई थी। पुलिस ने मामले में हत्या की धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह विनय और उसकी पत्नी के बीच किसी घरेलू बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद पत्नी कथित तौर पर अपने दोनों छोटे बच्चों को छोड़कर चली गई और अपने भाइयों को बुला लिया। कुछ समय बाद पत्नी के भाई और अन्य लोग विनय के घर पहुंच गए। परिवार का आरोप है कि पहले उन्हें लगा कि रिश्तेदार आपसी विवाद को सुलझाने के लिए आए हैं, लेकिन जैसे ही विनय घर पहुंचा, सभी लोग उस पर टूट पड़े।

पिता के सामने बेटे पर हमला

मृतक के पिता प्रेमचंद ने आरोप लगाया कि उन्होंने घर आए लोगों को रिश्तेदार समझकर बैठाया और पानी तक पूछा, लेकिन कुछ ही देर बाद माहौल बदल गया। आरोप है कि विनय के घर पहुंचते ही उस पर हमला कर दिया गया। पिता ने बेटे को बचाने की कोशिश की तो उन्हें भी धक्का दिया गया, जिससे उनके अंगूठे में फ्रैक्चर होने का दावा किया गया है।

वहीं, मृतक की मां ने भी वारदात को लेकर रोंगटे खड़े कर देने वाले आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हमलावरों ने विनय को पकड़ लिया। आरोप के मुताबिक, एक व्यक्ति ने उसके बाल खींचे, जबकि दूसरे ने उसका गला दबाकर जमीन पर पटक दिया।

‘छाती पर चढ़कर कूदने’ का आरोप

विनय की मां ने दावा किया कि पड़ोस में मौजूद एक व्यक्ति ने खिड़की से पूरी घटना देखी। परिजनों के अनुसार, विनय की पत्नी के दोनों भाई उसकी छाती पर चढ़कर हमला कर रहे थे। परिवार का आरोप है कि इस बेरहमी से किए गए हमले के कारण उसके फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा।

मां ने बताया कि जब उन्होंने बेटे को बचाने के लिए डंडा उठाने की कोशिश की तो वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने उनके हाथ से डंडा छीन लिया। परिवार का कहना है कि विनय को इतनी बुरी तरह पीटा गया कि वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा।

समय पर अस्पताल पहुंचता तो बच सकती थी जान?

मृतक के भाई प्रदीप का कहना है कि विनय शांत स्वभाव का व्यक्ति था और हमला बेहद क्रूर तरीके से किया गया। परिवार का दावा है कि यदि उसे करीब आधे घंटे पहले अस्पताल पहुंचा दिया जाता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, इस मामले में मौत के सटीक कारणों को लेकर पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट अहम होगी।

घटना के समय बंद थे CCTV कैमरे

इस पूरे मामले में घर के सीसीटीवी कैमरों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विनय के परिवार का आरोप है कि जिस समय वारदात हुई, उसी दौरान घर में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद थे। इसी वजह से परिजन हत्या को एक सोची-समझी साजिश बता रहे हैं।

परिवार का आरोप है कि मामूली घरेलू विवाद को सुलझाने के बजाय ससुराल पक्ष के लोग पूरी तैयारी के साथ घर पहुंचे थे। हालांकि, सीसीटीवी कैमरे बंद होने की वजह और घटना की पूरी सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

चार महीने के जुड़वा बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

विनय की शादी करीब साढ़े तीन साल पहले हुई थी। उसके चार महीने के जुड़वा बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा और एक बेटी शामिल हैं। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठने के बाद परिवार सदमे में है।

हत्या का केस दर्ज, चार लोगों से पूछताछ

पुलिस के अनुसार, विनय को गंभीर चोटें आई थीं और बाद में उसकी मौत हो गई। मामले में भारतीय न्याय संहिता की हत्या और समान इरादे से जुड़े प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने कथित तौर पर इस मामले में शामिल चार लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। घटना के समय मौजूद लोगों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों द्वारा लगाए गए सुनियोजित हत्या और सीसीटीवी बंद होने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।

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