यूपी में मातृत्व अवकाश पर नए नियम, स्कूलों के रसोइयों की बढ़ी सैलरी; कैबिनेट के अहम फैसले

उत्तर प्रदेश सरकार ने महिला कर्मचारियों के मातृत्व अवकाश को लेकर बड़ा फैसला किया है। अब दो बच्चों की उम्र के बीच दो साल का अंतर होना अनिवार्य नहीं रहेगा। इससे दो बच्चों के बीच कम अंतर होने की स्थिति में भी पात्र महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश का लाभ मिल सकेगा।
कैबिनेट के इस फैसले से मातृत्व अवकाश से जुड़े मामलों में लंबे समय से चली आ रही एक बड़ी बाध्यता खत्म हो जाएगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के फैसले के बाद सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए दो बच्चों के बीच कम से कम दो साल के अंतर की शर्त समाप्त कर दी है।
वहीं प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे मील तैयार करने वाले करीब 3.50 लाख रसोइयों को भी बड़ी राहत मिली है। सरकार ने उनके मानदेय में 1000 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। अब रसोइयों को सितंबर से साल में 10 महीने 3000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा।
कैबिनेट ने परिवहन व्यवस्था को लेकर भी अहम निर्णय लिए हैं। बरेली के नवाबगंज और बुलंदशहर के जहांगीराबाद में नए बस स्टेशन बनाने का रास्ता साफ हो गया है। दोनों स्थानों पर बस स्टेशन निर्माण के लिए सरकारी जमीन परिवहन विभाग को उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इसके अलावा अयोध्या धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण और विस्तार के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। करीब 9.025 किलोमीटर लंबे मार्ग को चार लेन करने की योजना पर काम आगे बढ़ेगा, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।





