परिचित ऑटो चालक के साथ आया था बैंककर्मी मानस, फिर गन पॉइंट पर अगवा कर हत्या

गोमतीनगर में पत्नी दिव्या मिश्रा और उनकी बहन तूलिका की गोली मारकर हत्या करने के बाद आत्महत्या करने वाले बैंक अधिकारी मानस बाजपेयी को लेकर पुलिस जांच में कई नए खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया कि मानस वारदात वाले दिन परिचित ऑटो चालक मुकेश कुमार सरोज के साथ बैंक पहुंचा था।
पुलिस के अनुसार, मानस ने बैंक के बाहर दिव्या से मारपीट की। ऑटो चालक मुकेश और कुछ बैंककर्मियों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन मानस ने कथित तौर पर असलहा दिखाकर उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद दिव्या को गोली मार दी गई। घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज में भी बैंक कर्मचारियों और गार्ड को बाहर आते तथा हथियार दिखाए जाने के बाद पीछे हटते देखा गया है।
वारदात के बाद मानस ने ऑटो चालक मुकेश को गन पॉइंट पर लेकर उसे ऑटो चलाने के लिए कहा। मुकेश उसे हुसड़िया चौराहे के पास छोड़कर वहां से निकल गया। पुलिस ने उससे पूछताछ की है और पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
जांच में मानस के पास से तीन हथियार मिलने की बात सामने आई है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि उसे ये हथियार कहां से और किसने उपलब्ध कराए। पुलिस बैंक पहुंचकर मानस के सहकर्मियों से भी पूछताछ कर रही है। अन्य रिपोर्टों के अनुसार, वारदात के बाद मानस घर पहुंचा, जहां उसकी बहन की भी गोली लगने से मौत हुई और बाद में उसने आत्महत्या कर ली। मामले की जांच अभी जारी है।
इस घटना ने बैंक परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। सीसीटीवी फुटेज में सशस्त्र गार्ड और बैंककर्मियों के पीछे हटने की बात सामने आई है, हालांकि यह कहना कि किसी एक व्यक्ति की कार्रवाई से हत्या निश्चित रूप से रोकी जा सकती थी, जांच और परिस्थितियों के पूरे आकलन के बाद ही स्पष्ट होगा।





