बाजार की चाल तय करेंगे 5 फैक्टर्स, वैश्विक संकेतों पर निवेशकों की नजर

सोमवार 5 मई को बाजार खुलने के साथ ही निवेशकों की नजर वैश्विक और घरेलू संकेतों पर रहेगी। खासतौर पर US-Iran peace talks बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है। इसके अलावा कंपनियों के तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और रुपये की चाल भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी।
सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
सपोर्ट जोन: 23,936 | 23,870 | 23,820 | 23,466 | 23,335 | 22,858
सपोर्ट वह स्तर होता है, जहां गिरावट के दौरान खरीदारी बढ़ने से बाजार को सहारा मिलता है।
रेजिस्टेंस जोन: 24,140 | 24,380 | 24,450 | 24,480 | 24,535 | 24,646
रेजिस्टेंस वह स्तर है, जहां बढ़त के दौरान बिकवाली का दबाव बढ़ता है और बाजार को ऊपर जाने में रुकावट मिलती है।
इस हफ्ते बाजार को प्रभावित करने वाले 5 बड़े फैक्टर्स
1. अमेरिका-ईरान शांति वार्ता
ईरान द्वारा अमेरिका को भेजे गए 14-बिंदु प्रस्ताव पर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है। Donald Trump के रुख से बाजार की दिशा तय हो सकती है।
2. चौथी तिमाही के नतीजे
टाटा टेक्नोलॉजीज, टाटा केमिकल्स, बीएचईएल, गोदरेज प्रॉपर्टीज और एथर एनर्जी जैसी कंपनियों के नतीजों से सेक्टर आधारित मूवमेंट देखने को मिल सकता है।
3. विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली
अप्रैल में FIIs ने 70,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिकवाली की है, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है। वहीं DIIs खरीदारी कर संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
4. रुपये में कमजोरी
भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 95.33 के निचले स्तर तक पहुंच चुका है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से रुपये पर दबाव बना हुआ है।
5. टेक्निकल संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार सीमित दायरे में रह सकता है। ऊपर की ओर 24,350–24,600 पर रेजिस्टेंस और नीचे 23,900–23,550 पर सपोर्ट महत्वपूर्ण रहेगा।
बाजार का रुख कैसा रहेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार “वेट एंड वॉच” मोड में है। यदि निफ्टी 23,500 के नीचे जाता है तो गिरावट और बढ़ सकती है, जबकि ऊपर 24,600 के पार जाने पर तेजी का रुख बन सकता है।





