नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान, सीएम धामी ने युवाओं को दिलाया ‘ना’ का संकल्प

Pushkar Singh Dhami ने रविवार को Haldwani के एमबी इंटर कॉलेज मैदान से ‘नशामुक्त उत्तराखंड’ अभियान के तहत आयोजित ‘रन फॉर अवेयरनेस’ रैली को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया।

रैली से पहले आयोजित सभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौड़ केवल शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि एक स्वस्थ, समृद्ध और नशामुक्त उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे को ‘ना’ और जीवन को ‘हां’ कहने का संदेश पूरे प्रदेश में फैलाएं।

मुख्यमंत्री ने नशे को “साइलेंट वार” बताते हुए कहा कि इसका सबसे बड़ा शिकार युवा वर्ग बन रहा है। उन्होंने कहा कि अक्सर मजाक या जिज्ञासा में शुरू हुआ नशा धीरे-धीरे आदत बन जाता है, जिससे बाहर निकलना बेहद कठिन हो जाता है। यह न केवल व्यक्ति, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों को प्रभावित करता है।

उन्होंने बताया कि Narendra Modi द्वारा वर्ष 2020 में शुरू किए गए ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार इस दिशा में मिशन मोड पर काम कर रही है। वर्ष 2022 में गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स द्वारा हजारों आरोपियों की गिरफ्तारी और बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की बरामदगी की गई है। साथ ही एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (ATF) केंद्रों का संचालन किया जा रहा है और सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी ऐसे केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए ‘दगड़िया क्लब’ जैसे पहल भी शुरू किए गए हैं, जो उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून के जरिए नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए समाज की जागरूकता और युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। इस अवसर पर विभिन्न जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लेकर नशामुक्त उत्तराखंड के संकल्प को दोहराया।

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