शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल: देहरादून में शिक्षक नहीं, छात्र खुद पढ़कर कर रहे बोर्ड परीक्षा की तैयारी

उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावों के बीच सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मामला सामने आया है। प्रदेश के 54 उच्चीकृत राजकीय हाईस्कूलों में अब तक प्रवक्ताओं की तैनाती नहीं हो सकी है। ऐसे में इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राएं बिना विषय शिक्षकों के बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करने को मजबूर हैं। कई विद्यालयों में प्रवक्ताओं के सभी पद खाली हैं, जबकि कुछ स्कूलों में चुनिंदा विषयों के ही शिक्षक उपलब्ध हैं।
कई स्कूलों में शिक्षकों के सभी पद खाली
ऊधमसिंह नगर के राजकीय इंटर कॉलेज मानपुर, काशीपुर में कक्षा 11 में 35 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। यहां प्रवक्ताओं के 10 पद स्वीकृत हैं, लेकिन सभी खाली हैं। इतना ही नहीं, विद्यालय में प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त है।
वहीं, देहरादून के जीआईसी बंजारावाला में प्रवक्ताओं के नौ स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल चार शिक्षक कार्यरत हैं। खास बात यह है कि चारों प्रवक्ता विज्ञान विषय के हैं। ऐसे में अन्य विषयों के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए संबंधित विषय के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं।
100 से अधिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी
सहसपुर ब्लॉक के जीआईसी मिसराज पट्टी में प्रवक्ताओं के पांच पद खाली हैं। इसके अलावा जीआईसी मुंधान समेत कई अन्य विद्यालयों में भी शिक्षकों की कमी बनी हुई है।
राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व प्रांतीय महामंत्री रमेश पैन्यूली के अनुसार, शिक्षा विभाग ने कई हाईस्कूलों को इंटरमीडिएट स्तर पर उच्चीकृत तो कर दिया, लेकिन संबंधित विषयों के प्रवक्ताओं की तैनाती नहीं की। राज्य में 100 से अधिक स्कूल ऐसे हैं, जहां प्रवक्ताओं की कमी का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। कई विद्यालयों में नियमित कक्षाएं भी संचालित नहीं हो पा रही हैं।
13 जिलों के स्कूलों में नहीं हुई शिक्षकों की तैनाती
प्रदेश के पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी, देहरादून, हरिद्वार, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले के कुल 54 स्कूलों को हाईस्कूल से इंटरमीडिएट स्तर पर उच्चीकृत किया गया है। इसके बावजूद इन विद्यालयों में अब तक प्रवक्ताओं की तैनाती नहीं हो पाई है।
एलटी शिक्षकों के भरोसे पढ़ाई, जल्द होगी नियुक्ति
माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनोद सिमल्टी ने बताया कि राज्य लोक सेवा आयोग से विभाग को कुछ प्रवक्ता मिलने हैं। उनकी तैनाती जरूरत वाले विद्यालयों में की जाएगी। फिलहाल एलटी शिक्षकों को विद्यार्थियों की पढ़ाई कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि सितंबर-अक्तूबर में 54 स्कूलों को हाईस्कूल से इंटरमीडिएट स्तर पर उच्चीकृत किया गया है। इनमें जल्द प्रवक्ताओं की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं।





