श्रीनगर में सीएम धामी का कांग्रेस पर निशाना, बोले- जनता को पहले अपने शासनकाल का जवाब दे विपक्ष

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को श्रीनगर में आयोजित भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। सीएम धामी ने कहा कि कांग्रेस आज लोकतंत्र और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा से सवाल कर रही है, लेकिन उसे पहले अपने शासनकाल का हिसाब जनता को देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कार्यकाल में उत्तराखंड में नकल माफिया सक्रिय था और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता था।
कांग्रेस की न्याय यात्रा पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस की न्याय यात्रा को चुनावी हार से उपजी हताशा और बौखलाहट का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह न्याय की नहीं, बल्कि राजनीतिक अस्तित्व बचाने की यात्रा है। उनके मुताबिक, कांग्रेस विकास के मुद्दों पर सरकार का मुकाबला नहीं कर पा रही है, इसलिए भ्रम फैलाने और अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार विकास और सुशासन के संकल्प के साथ जनता के बीच जा रही है, जबकि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है।
भर्ती परीक्षाओं और युवाओं के रोजगार का मुद्दा उठाया
सीएम धामी ने कांग्रेस के शासनकाल में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और नकल माफिया की सक्रियता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उस दौरान युवाओं को नौकरी पाने के लिए संघर्ष करना पड़ता था, जबकि भाजपा सरकार ने नकल विरोधी कानून बनाकर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से सवाल किया कि उसके शासनकाल में पहाड़ों से पलायन रोकने और युवाओं को रोजगार देने के लिए कौन-सी ठोस नीतियां बनाई गई थीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इन सवालों का जवाब जनता को देना चाहिए।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के शासनकाल में हुए कथित घोटालों का जिक्र करते हुए पार्टी पर भ्रष्टाचार को लेकर निशाना साधा। उन्होंने टूजी, कॉमनवेल्थ और कोयला घोटाले का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस को भाजपा सरकार पर सवाल उठाने से पहले अपने कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची में किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूटने पर शिकायत का समाधान निर्धारित प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए।
अंकिता भंडारी मामले पर कही यह बात
अंकिता भंडारी प्रकरण पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस संवेदनशील मामले में राजनीति करने के बजाय पीड़ित परिवार की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले में सीबीआई जांच चल रही है और जांच प्रक्रिया का सम्मान होना चाहिए। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन पीड़ित परिवार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का माध्यम बनाना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर महिला सम्मान के मुद्दे पर भी सवाल उठाए और अपने शासनकाल की घटनाओं पर जवाब देने की बात कही।
श्रीनगर बाईपास से विकास को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि जनसभा में पहुंचने से पहले श्रीनगर बाईपास सड़क के विस्तृत सर्वेक्षण कार्य का शुभारंभ किया गया। उन्होंने कहा कि इससे शहर के विकास और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने भाजपा की पदयात्रा को उत्तराखंड के स्वाभिमान, विकास और सुशासन का संकल्प बताते हुए कहा कि मां गंगा के सानिध्य में श्रीनगर से शुरू हुई यह पहल प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचेगी।





