समुद्री सुरक्षा पर अलर्ट, नाविकों की मौत के बाद डीजी शिपिंग ने बढ़ाई निगरानी

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों पर संभावित खतरे के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता गहरा गई है। तीन भारतीय नाविकों की मौत और एक के घायल होने की घटनाओं के बाद Directorate General of Shipping (डीजी शिपिंग) ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है।
महानिदेशालय के अनुसार, हाल में सामने आए चार मामलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है, जबकि एक घायल है। ये सभी विदेशी ध्वज वाले जहाजों पर कार्यरत थे। घटनाएं पश्चिम एशिया क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच हुई हैं, जिससे वैश्विक समुद्री व्यापार और सुरक्षा पर असर पड़ रहा है।
क्या कहा गया एडवाइजरी में?
डीजी शिपिंग ने बताया कि वह फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी सहित आसपास के समुद्री क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। एडवाइजरी में कहा गया है कि हालिया घटनाक्रम के चलते मिसाइल और ड्रोन गतिविधियों, इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप और अन्य सुरक्षा जोखिमों की आशंका बढ़ी है।
समुद्री संचालकों और शिपिंग कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे यात्रा-विशिष्ट जोखिमों का आकलन करें और उच्च सतर्कता बनाए रखें। जहाजों को उन्नत सुरक्षा व्यवस्था, ब्रिज वॉच की निरंतर निगरानी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है। उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों से गुजरने के फैसले मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए लिए जाएं।
सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम
महानिदेशालय ने भारतीय ध्वज वाले जहाजों के लिए निगरानी और सुरक्षा निरीक्षण बढ़ा दिए हैं। वास्तविक समय ट्रैकिंग, रिपोर्टिंग की आवृत्ति में वृद्धि और 24×7 मॉनिटरिंग लागू की गई है। साथ ही भारतीय नौसेना, विदेश मंत्रालय और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए रखा जा रहा है।
डीजी शिपिंग ने स्पष्ट किया कि प्रभावित जहाजों पर मौजूद अन्य चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। साथ ही मृतक और घायल नाविकों के परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। शिपिंग कंपनियों को चालक दल की तैनाती में सावधानी बरतने और नाविकों व उनके परिजनों से नियमित संपर्क बनाए रखने की सलाह दी गई है।





