मंत्री के बयान से गरमाई सियासत, MLA की कार्यशैली पर उठाए गंभीर सवाल

दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा और तहसीलदार-पटवारी विवाद के बीच अब कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा भी खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने कांग्रेस विधायक बैरवा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जनता की सेवा करने वाला व्यक्ति यदि जमीन के कारोबार में उतरकर भूमाफियाओं से मिल जाए, तो यह दौसा की जनता के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।

मंत्री मीणा ने आरोप लगाया कि महिला पटवारी को खुलेआम धमकाया गया और सरकारी जमीन पर कब्जा हटाने से रोका गया। उन्होंने कहा कि राजनीति जनता की सेवा के लिए होती है, न कि धंधा करने के लिए।

शुक्रवार को खानभांकरी रोड स्थित टाउनहॉल लोकार्पण और यूआईटी आवासीय योजना लॉन्चिंग के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा कि यदि सरकारी कार्यक्रम में नाम नहीं लिखा जाए तो विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की बात होती है, तो क्या जमीनों पर कब्जा करने को भी विशेषाधिकार मान लिया जाए।

उन्होंने कांग्रेस पर अरावली क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 60 वर्षों में पहाड़ों को खोखला करने का काम कांग्रेस नेताओं ने किया। मंत्री ने यह भी कहा कि प्रशासन जब सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाने जाता है, तो क्षेत्रीय विधायक उसे रुकवाने पहुंच जाते हैं।

डॉ. मीणा ने पूर्व कार्यक्रमों का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा राजनीतिक विरोधियों का सम्मान किया और मिलकर विकास करने की बात की, लेकिन वर्तमान घटनाक्रम दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की अमर्यादित गतिविधियां स्वीकार नहीं की जाएंगी।

मंत्री ने अंत में कहा कि उनका उद्देश्य सभी जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर दौसा का विकास करना है और अनावश्यक तनाव या टकराव से बचना चाहिए।

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